पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • घर में शौचालय तभी लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

घर में शौचालय तभी लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सरकार का वर्ष 2017-18 तक खुले में शौच मुक्त का निर्णय

रामगंजमंडी. अबपंचायतीराज चुनावों में वह लोग चुनाव नहीं लड सकेंगे, जिनके घरों में शौचालय नहीं है या शौचालय होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जल्द ही होने वाले पंचायतीराज चुनावों के लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने वर्ष 2017-18 तक खुले में शौच मुक्त का निर्णय लिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंच और सरपंच सहित अन्य पदों पर चुनाव लड़ने वालों के लिए शौचालय निर्माण की बाध्यता रखी गई है। गौरतलब है कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान का व्यापक प्रचार प्रसार और इस पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सरकार की महत्वपूर्ण योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोग आज भी खुले में शौच करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने यह निर्णय लिया है।

देनाहोगा सर्टिफिकेट

पंचऔर सरपंच सहित पंचायतीराज के किसी भी पद पर चुनाव लड़ने वाले को अब घर में शौच होने और परिवारजनों की ओर से इसका उपयोग करने का सर्टिफिकेट देना होगा। इसके बाद ही उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाएगा। अन्यथा उनका आवेदन निरस्त किया जाएगा।

सरकारकी ओर से प्रोत्साहन राशि: स्वच्छभारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए घरों घर शौचालय बनवाने की योजना सरकार की ओर से चलाई हुई है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को 12 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे वह अपने घरों पर शौचालयों का निर्माण करवा सकें।