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रींछा में प्रतिष्ठा महोत्सव, उमड़े श्रद्धालु
साबला. रींछागांव में चल रहे पंच कल्याण प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन आचार्य सुनील सागरजी ने श्रद्धालुओं को भ्रूण हत्या नहीं करने का संकल्प दिलाया।
पंच कल्याण प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार सुबह भगवान सुपार्श्वनाथ की माता की गोद भराई सहित कई धार्मिक कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में दीक्षा लेने वाली दो वैराग्यमयी महिलाओं का धार्मिक भजनों से स्वागत और अभिनंदन किया गया। सुबह शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु नाचते हुए धर्मनगरी बनारस में पहुंचे। रात को नाटकों का मंचन हुआ। धनपति कुबेर ने र|ों की वर्षा की। आचार्य सुनील सागर ने धर्मसभा में कहा कि भ्रूण हत्या महापाप है। जो डाक्टर इस जघन्य अपराध को करता है वो संसार का सबसे खतरनाक अपराधी है। सर्पिणी भी अपने बच्चों को जन्म देती है, लेकिन गर्भपात करवाने वाली मां तो नागिन से भी ज्यादा क्रूर होती है, जो अपने खुद के बच्चे को गर्भ में मार डालती है। कौशल्या, सीता, चंदनबाला जैसी महासतियां भी आखिरकार नारी ही थी यदि इन्हें गर्भ में ही मार दिया जाता तो राम जैसे महापुरुष जन्म नहीं ले पाते। आचार्य ने स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों को इंसान के खानपान का फल बताया। उन्होंने कहा कि मांसाहार से बीमारियां होती है।
साबला. रींछा गांव में चल रहे पंच कल्याणक प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में ससंघ धर्मसभा को संबोधित करते आचार्य सुनील सागर। वही महोत्सव में नाटक मंचन करते श्रद्धालु।3