- Hindi News
- रीछा में निकाली शोभायात्रा में उमड़ा सैलाब
रीछा में निकाली शोभायात्रा में उमड़ा सैलाब
साबला। रीछागांव में चल रहे पंच कल्याण प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन आचार्य सुनिलसागर ने गर्भ संस्कार से महान व्यक्ति के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुराने जमाने में भारत सोने की चिडियां कहलाता था। बच्चों को गर्भ से ही संस्कार दिए जाते है। माता कौशल्या के संस्कार से भगवान राम महान हुए। संस्कारों की वजह से ही राम का जीवन इतना महान बन गया। संस्कार से ही भगवान कृष्ण और कुसंस्कार से ही कंस बना देते है। जो संस्कारों की पाठशाला में नहीं पढ़ा उसका जीवन दुखों से भर उठता है। आचार्य ने भगवान के जन्म की बधाईयां देते हुए कहा कि करोडो लोगो का जन्म पूरा संसार मनाता है। जबकि सामान्य प्राणियों का जन्म उनके घर के लोग ही कई बार नहीं मना जाते है। जो संसार के कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन न्यौछावर कर देता है। ऐसे महापुरुष ही संसार में आदर्श माने जाते है। दान की उत्कष्ट भावना ही कर्ण को इतिहास में अमर कर गई। जब की सब कुछ जोड जोडकर रखने की वजह से कौरवो का कोई नाम भी लेना पंसद नहीं करता है। भगवान पाश्र्वनाथ पंच कल्याण में रविवार को भगवान पाडंूक शिला का जन्म अभिषेक महोत्सव आनंद के साथ मनाया गया। दिक्षार्थियों का रविवार को जैन समाज के घरों में सम्मान किया गया। इस अवसर पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें जैन समाज के लोग नाचते-गाते हुए बनारस नगरी तक पहुंचे। जैन बंधुओं ने भगवान को अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही देर शाम को विभिन्न नाटक का मंचन हुआ।