पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 1200 रुपए में गुजरात बॉर्डर पार कर डूंगरपुर रहे हैं रेती के ट्रक

1200 रुपए में गुजरात बॉर्डर पार कर डूंगरपुर रहे हैं रेती के ट्रक

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बजरीसे बंदिशें हटती नहीं दिख रही है। इतने दिनों तक स्थानीय स्तर पर बजरी का खनन और परिवहन धड़ल्ले से हो रहा था। खनन विभाग ने नकेल कसी तो ट्रक ऑपरेटर्स हड़ताल पर बैठ गए। प्रशासनिक तौर पर सुलह हुई तो हड़ताल तोड़ दी गई। इस प्रकार अब एक बार फिर से बजरी के व्यापार पर अप्रत्यक्ष रूप से रोक हटाई गई है, लेकिन शुक्रवार को एक भी ट्रक प्रदेश से भरकर डूंगरपुर रेती स्टैंड तक नहीं पहुंचा। केवल गुजरात के खेडब्रह्मा क्षेत्र से गिनती के ट्रक रेती लेकर पहुंचे थे।

भास्कर ने जब पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। गुजरात से डूंगरपुर आते-आते बजरी ट्रक वालों को कुल 1200 रुपए पुलिस को बांटने पड़ रहे हैं। इसके बाद स्थानीय सेटिंग से ही व्यापार संभव हो पा रहा है। ट्रक चालकों का कहना है कि ऑपरेटर्स कितना भी कर लें उन्हें एक ट्रिप पर मुश्किल से तीन हजार रुपए मिलते हैं, जिसमें ट्रक का मैंटेनेंस और ट्रक चालक क्लीनर का भत्ता शामिल होता है।

कहां-कहां बांटा जा रहा है पैसा

ट्रक चालक वक्ता रोत से भास्कर ने रेती स्टैंड पहुंचकर चर्चा की

भास्कर:आजट्रक कम क्यों दिखाई दे रहे हैं?

वक्ता:केवलगुजरात से बजरी लेकर आने वाले ट्रक ही हैं, बाकी आसपुर क्षेत्र में अनलोड हो रहे हैं।

भास्कर:गुजरातसे एक दिन में कितने ट्रिप लग रहे हैं?

वक्ता:ग्राहकीअच्छी हो तो दो, नहीं तो एक ट्रिप।

भास्कर: एकट्रक की भराई कितनी है?

वक्ता:एकबड़े ट्रक की भराई 8 हजार रुपए में होती है।

भास्कर: औरक्या खर्च होता है?

वक्ता: 5 से साढ़े 5 हजार का डीजल लगता है।

भास्कर: गुजरातसे राजस्थान में बजरी के ट्रकों पर रोक के बाद भी कैसे एंट्री हो रही है?

वक्ता:पूरेरास्ते में पुलिस वाले वसूली करते हैं। दो थाने हैं एक तो खेडब्रह्मा और दूसरा शामलाजी, इसके अलावा गश्त करने वाले पुलिस के वाहन से वसूली होती है। इसमें बॉर्डर आने तक एक हजार रुपए कम से कम देने पड़ते हैं। भराई, डीजल और यह एक हजार रुपए मिलाकर 14 हजार रुपए हो जाते हैं। रतनपुर में 200 रुपए इंट्री परिवहन वालों को देकर डूंगरपुर तक आते हैं।

भास्कर: डूंगरपुरमें कोई नहीं रोकता?

वक्ता: खनन, परिवहन, सेल टैक्स वाले पकड़ लेते हैं।

भास्कर:आजकैसे बेच रहे हो?

वक्ता:सेठकी बात हो गई है, उन्होंने कहा है कि बेचो कोई नहीं रोकेगा।

डूंगरपुर। सागवाड़ा मार्ग पर रीको क्षे