डॉक्टर नहीं है तो संविदा पर लगाओ
डॉक्टरोंके खाली पड़े पद और कमी को दूर करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। जिन अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है, वहां संविदा पर डॉक्टर लगाने के आदेश जारी किए हैं। इन डॉक्टरों को एनआरएचएम और आरएमआरएस के माध्यम से नियुक्ति दी जाएगी। इससे डॉक्टरों की कमी दूर होने के साथ ही मरीजों को भी राहत मिलेगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन प्रमुख सचिव दीपक उप्रेती ने हाल ही ये जारी कर बताया कि डॉक्टरों के खाली पदों के कारण हो रही समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संविदा आधार पर वॉक इन इंटरव्यू से डॉक्टरों के पद भरने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह भी गाइड लाइन दी गई है कि उतने ही पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति दी जाएगी, जितने पद खाली हैं। इसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर को प्राथमिकता देने के भी निर्देश हैं।
^डॉक्टरों के खाली पदों पर संविदा आधार पर वॉक इन इंटरव्यू से लगाने के निर्देश प्राप्त हुए है।\\\'\\\' -डॉ. राजाराम मीणा, सीएमएचओडूंगरपुर
गुजरात और उदयपुर पर निर्भर है इलाज
जिलेमें डॉक्टर के खाली पदों के कारण मरीज इलाज के लिए पास के ही उदयपुर जिले या गुजरात राज्य के हिम्मतनगर, मोड़ासा और अहमदाबाद जा रहे हैं। छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज तो यहां कर लिया जाता है। लेकिन गंभीर बीमारी या बड़ा हादसा होने पर मरीजों को रेफर ही किया जाता है। ऐसे में कई बार मरीज यहां अस्पतालों में आए बगैर ही गुजरात और उदयपुर इलाज के लिए चले जाते हैं। ऐसे में समय और धन दोनों ही खर्च होता है। इससे उपचार के लिए परेशान ग्रामीणों को काफी आिर्थक नुकसान होता है। साथ ही इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने से ढेरों परेशानी भी उठानी पड़ती है। इसके अलावा बड़ी दुर्घटना में समय से उपचार मिल पाने के कारण गंभीर रूप से घायलों की मौत भी हो जाती है।
डॉक्टरों के 200 से अधिक पद खाली
जिलेमें डॉक्टरों के 200 से अधिक पद खाली हैं। जिसमें 50 पद तो सिर्फ श्रीहरिदेव जोशी राजकीय अस्पताल डूंगरपुर में ही रिक्त हैं। इसमें भी स्पेशलिस्ट डॉक्टर एक भी नहीं है। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल तो कंपाउंडरों के भरोसे ही चल रहे है या आयुष डॉक्टर संभाल रहे हैं। ऐसे में मरीज इलाज के लिए भटकते रहते हैं। सागवाड़ा अस्पताल में भी डॉक्टरों के कई पद खाली हैं। संविदा आधार पर डॉक्टरों