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गांजे की तस्करी में डूंगरपुर का कांस्टेबल गिरफ्तार किया
नारकोटिक्सकंट्रोल ब्यूरो ने गांजे की तस्करी कराने के मामले में डूंगरपुर के एक पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। वह पिछले करीब 5 सालों से गांजे के तस्करों को मदद कर रहा था। नारकोटिक्स की टीम ने उससे पूछताछ की है, जिसमें और भी कई खुलासे होने की संभावना है। उसे न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अजमेर के अधीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि ढाई महीने पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से पकड़ी गई 915.720 किलो गांजे की खेप तस्करी की छानबीन में पुलिस कांस्टेबल मुकुंद पुरोहित पुत्र गजानंद के भी शामिल होने के साक्ष्य मिले। इस आधार पर डूंगरपुर पुलिस लाइन में कार्यरत कांस्टेबल पादरड़ी बड़ी-सागवाड़ा निवासी मुकुंद पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया है। मुकुंद पिछले महीनों में बिछीवाड़ा थाने पर कार्यरत था। उसकी जेएलएन अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई गई। इसके बाद डूंगरपुर के स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एसपी हरीश कुमार ने बताया कि मुख्य सरगना दिनेश वैष्णव और कांस्टेबल मुकुंद के बयानों के आधार पर जांच की जा रही है। इससे और भी खुलासे की संभावना है।
मुख्यखरीदार ने बताया था कांस्टेबल का नाम : नारकोटिक्सकंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि गांजे का मुख्य खरीदार हिरण मगरी-उदयपुर निवासी दिनेश वैष्णव पुत्र जगदीशचंद्र वैष्णव को 12 जनवरी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कांस्टेबल मुकुंद पुरोहित की मदद से गांजे की तस्करी करने की बात कबूल की थी। उसने यह भी बताया था कि मुकुंद पिछले 4 से 5 साल से तस्करी में मदद कर रहा है और उसके बदले उसे रिश्वत के तौर पर कुछ हिस्सा दिया जाता है।
यहहै मामला : 29नवंबर शनिवार की रात को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अजमेर की टीम ने बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के चुंडावाड़ा में एक ट्रक से 915.720 किलो गांजा पकड़ा था। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2 करोड़ रुपए बताई जा रही थी। नारियल के पौधों के बीच छुपाकर गांजे की तस्करी हो रही थी। टीम ने मौके से दो जनों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान नारकोटिक्स टीम पर कुछ ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। एक महीने बाद मुख्य खरीदार को भी गिरफ्तार कर लिया था।