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- हड़ताल से एक माह पहले तक वसूले 10 लाख और अब साधी चुप्पी
हड़ताल से एक माह पहले तक वसूले 10 लाख और अब साधी चुप्पी
डूंगरपुर। सोमनदी में अभी भी बजरी की अवैध माइनिंग जमकर हो रही है। प्रशासनिक और खनन विभाग की अनदेखी के चलते पर्यावरण विभाग और ग्रीन ट्रिब्यूनल की मंशाओं पर जिले में पानी फेरा जा रहा है। यहां तक की हाल ही में समाप्त हुई बजरी के ट्रक ऑपरेटर्स की हड़ताल समाप्त होने तक खनिज और परिवहन विभाग दोनों मिलाकर एक माह के भीतर 10 से 13 लाख रुपए की राजस्व वसूली कर चुके हैं। अब जब हड़ताल खत्म हो गई है तो दोनों विभाग मौन साधे हुए हैं। गौरतलब है कि आसपुर से ओवरलोडिंग वाले बजरी भरकर डूंगरपुर तक आने वाले ट्रक परिवहन विभाग के दफ्तर के सामने से बे-धड़क गुजरते हैं।
सरकार को राजस्व का नुकसान
यहांतक की खनन विभाग के दफ्तर से कुछ ही दूरी और रीको इंडस्ट्रीयल एरिया के प्रवेश द्वार पर आसपुर से भरकर आने वाले ट्रक खड़े रहते हैं। विभाग का उड़नदस्ता भी मेन रोड़ पर उनके पास दिनभर चक्कर लगाता है, लेकिन अब कोई केस नहीं बनाया जा रहा है। ऐसे में सरकार को सीधे-सीधे राजस्व का नुकसान हो रहा है। इधर, ग्रीन ट्रिब्यूनल ऑफ इंडिया और पर्यावरण मंत्रालय की मंशा पर खुद खनन विभाग ही पानी फेर रहा है। सोम नदी का कैचमेंट छलनी हो रहा है और विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
डूंगरपुर. शहर से जाने वाले सागवाड़ा मार्ग पर रविवार को खड़ा रेती से भरा ट्रक।