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मां की आराधना के साथ त्योहार शुरू, 41 दिन में 21 उत्सव
भक्तों पर चढ़ा माताजी की भक्ति का रंग
शारदीयनवरात्र के साथ ही फेस्टिवल सीजन की शुरूआत भी हो गई है। आने वाले 41 दिन यानी कार्तिक पूर्णिमा तक त्योहारों का ही दौर चलता रहेगा। इस दौरान एक के बाद एक 21 पर्व आम आदमी और व्यापार के लिए खुशियों की का योग लेकर रहा है। इससे व्यापारियों को भी त्योहारी सीजन जोरदार रहने की उम्मीद है।
श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद गुरुवार से नवरात्र की घट स्थापना हो गई। इसके साथ ही त्योहारी सीजन का भी आगाज हो गया। गली मोहल्लों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही गरबा की धमचक शुरू हो गई है। शक्तिपीठों में माता की आराधना को लेकर विविध अनुष्ठान, रामचरितमानस पाठ के विशेष आयोजन हो रहे हैं। नवरात्र स्थापना के साथ ही बाजारों में चहल पहल शुरू हो गई है। नए संयोग को लेकर व्यापारी और आम लोग उत्साहित नजर रहे हैं। इसके लिए व्यापारियों ने एडवांस स्टॉक भी तैयार कर लिया है।
सागवाड़ा में भी धूमधाम
सागवाड़ा.गमलेश्वरमंदिर परिसर में स्थित पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज के मंदिर में शुक्रवार को नवरात्रि स्थापना पर समाजजनों द्वारा घट स्थापना कर विधि विधान के साथ पूजन अर्चन कर आरती उतारी गई। जिसके बाद गरबे को नगर के प्रमुख मार्गो से होकर गाजे बाजों के साथ द्वारिकाधीश मंदिर लाया गया। गरबे का लाभ धर्मेंद्र पूनमचंद दर्जी ने लिया। इस अवसर पर रमणलाल, नारायण लाल, नानालाल, भूपेश, छोटेलाल, जितेन्द्र, राजेश, विष्णु, नरेश, योगेश राठौड़ मौजूद थे।
तीन दिन गजकेसरी योग
>26 सितंबर को सुबह 8.33 बजे से तुला का चंद्रमा शुरु हो जाएगा। यह 28 सितंबर को शाम 5.22 बजे तक रहेगा। इस तरह तीन दिनों तक गजकेसरी का संयोग रहेगा।
> सर्वार्थसिद्धि : हर कार्य को सिद्ध करने वाला।
> गजकेसरी : कार्य में स्थायित्व प्रदान करने वाला
> सौभाग्य: सुख-समृद्धि
> ब्रह्मा: कार्य में शुभ स्थायित्व प्रदान करता है।
> आयुष्मान: आयु आरोग्य, ऐश्वर्य की वृद्धि करता है।
महाष्टमी-महानवमी भी खास
2अक्टूबर को महाष्टमी दोपहर 12.07 बजे तक है। यह मूल नक्षत्र युक्त है। साथ में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र भी है। इसके बाद महानवमी शुरु होगी। महागौरी सिद्धि दात्री का एक साथ पूजन होगा। रात 9.52 बजे उत्तराषाढ़ा नक्षत्र भी शुरु हो जाएगा। इस तरह से इन तीनों में महाष्टमी-महानवमी का पूजन होगा, यह त्रैलोक्य दुर्लभ