पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सागवाड़ा रोडवेज बस स्टैंड पर सुविधाओं का अभाव

सागवाड़ा रोडवेज बस स्टैंड पर सुविधाओं का अभाव

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
स्टैंड पर रहता है अवैध वाहनों का जमावड़ा

रोडवेजबस स्टैंड परिसर अफसरों की बेरुखी के कारण निजी वाहनों का पार्किग स्थल बना हुआ है। इस कारण यहां रोडवेज बसों के आने-जाने में असुविधा होती है।

जनहित याचिका लगाकर सुविधाओं की मांग

बसस्टैंड की दुर्दशा को लेकर नागरिकों ने रोडवेज बस स्टैंड की हालत सुधारने और यात्रियों को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जनहित याचिका का सहारा भी लिया था। उपखंड न्यायालय में दिनेशचंद्र जांगा, पूर्व पार्षद महावीर जैन और जयदीप कारीलाल जैन ने जनहित में प्रकरण दर्ज कराया था। इसके अनुसार 17 मई 2013 को तहसीलदार, थानाधिकारी और अधिशासी अधिकारी द्वारा सागवाड़ा रोडवेज बस स्टैंड परिसर में पब्लिक न्यूसेंस होने संबंधित जांच की गई थी। जिस पर उपखंड न्यायालय ने बस स्टैंड प्रबंधक को बस स्टैंड परिसर में सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आदेश दिया था। लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद भी अब तक सुविधाओं में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। स्टैंड पर ढेरों समस्याओं को लेकर रोडवेज के मुख्य प्रबंधक तस्द्दुक हुसैन ने बताया कि जिले का कार्यभार अभी अभी संभाला है। बहुत जल्द सागवाड़ा का दौराकर रोडवेज बस स्टैंड की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सागवाड़ा. बस स्टैंड परिसर में सुलभ शौचालय के पास पसरी गंदगी।

सागवाड़ा. बस स्टैंड परिसर में बने अस्थाई शेल्टर में टूटी हुई बैंचे।

भास्कर न्यूज| सागवाड़ा

कस्बेके रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को मुलभूत सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो रही हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में सुगम स्थान पर करीब 5 बीघा क्षेत्रफल में फैले इस बस स्टैंड के प्रति रोडवेज के अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।

बस स्टैंड अतिक्रमण का शिकार भी हो रहा है। यहां चार दीवारी को बार-बार लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त कर देने के बावजूद भी अधिकारी इस सबसे बेखबर हैं। स्टैंड के नाम पर एक मात्र टीन शेड है। जिसके तेल यात्री बसों का इंतजार करतें हैं फिर चाहें सर्दी का मौसम हो या गर्मी का। सिर्फ इतना ही वनहीं यहां बैठक व्यवस्था के नाम पर पत्थर की तीन बेंच लगी हुई हैं। इसके प्रवेश द्वार से अंदर तक डामरीकरण नहीं होने और सड़क उबड़-खाबड़ होने से सूखे मौसम यात्रियों को धू के गुबार से देा चार होना पडुा है जब कि बार