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क्रमोन्नत स्कूलों पर संस्थाप्रधानों की लापरवाही

7 वर्ष पहले
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जिलेके प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीनियर स्कूल खोलने के राज्य सरकार प्रस्ताव पर संस्थाप्रधान की लापरवाही भारी पड़ रही है। क्रमोन्नति के निर्देश के बाद भी शिक्षा विभाग के पास 60 से अधिक माध्यमिक स्कूलों के विषय चयन के प्रस्ताव नहीं आए हैं। जिसके कारण बीकानेर शिक्षा विभाग से प्रतिदिन विषय चयन के प्रस्ताव मांगे जाते हैं, जो उपलब्ध नहीं होने पर विभाग को डांट सुननी पड़ रही है।

राज्य सरकार की ओर से तीन महीने पूर्व प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीनियर स्कूल खोलने के दिशा निर्देश दिए थे। जिसमें प्रत्येक तीसरी ग्राम पंचायत में विज्ञान और वाणिज्य की प्राथमिकता तय की थी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत की माध्यमिक स्कूल का चयन किया गया था। इसी चयन के आधार पर माध्यमिक को सीनियर स्कूल में बदला गया है। इसके विधिवत प्रस्ताव भी विभाग के पास गए हैं। इन प्रस्तावों पर सभी माध्यमिक स्कूलों के संस्थाप्रधानों को सूचना भेज दी गई है। इसके बावजूद अभी जिले में 60 स्कूलों ने विषय चयन प्रस्ताव तैयार कर नहीं भेजे हैं।

145स्कूलों के मांगे गए थे प्रस्ताव

प्रत्येकग्राम पंचायत में सीनियर स्कूल खोलने के उद्देश्य से जिले की 145 ग्राम पंचायतों की दसवी कक्षा की स्कूलों का चयन किया गया था। जहां पर विज्ञान, वाणिज्य और कला विषय के साथ बारहवी तक अध्ययन शुरू करना था। इनमें से 60 स्कूलों ने तीन माह बाद भी विषय का चयन कर निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है। जिसके बाद क्रमोन्नति के प्रस्ताव शिक्षा विभाग कार्याल्य में अटके हुए हैं।

सीमलवाड़ाऔर सागवाड़ा ब्लॉक सबसे पीछे

विषयचयन कर प्रस्ताव पहुंचाने के मामले में सबसे पीछे सीमलवाड़ा और सागवाड़ा क्षेत्र के स्कूल चल रहे है। शिक्षा विभाग आंकड़ों के अनुसार सीमलवाड़ा की 33 ग्राम पंचायतों की दसवीं स्कूलों ने विषय चयन नहीं किया है। सीमलवाड़ा के बाद सागवाड़ा में 18 , बिछीवाड़ा में 8 और डूंगरपुर में 1 स्कूलों ने विषय चयन नहीं किया है। आसपुर क्षेत्र की सभी स्कूलों के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है।

दिसंबरकी डेड लाइन भी खत्म

राज्यसरकार की ओर से आई गाइड लाइन के अनुसार क्रमोन्नत स्कूलों के प्रस्ताव फाईल तैयार कर 3 दिसंबर को शिक्षा विभाग मुख्यालय बीकानेर जमा करानी थी। इस फाइल के आधार पर स्कूलों की भौतिक स्थिति, स्टाफ स्थिति की जानकारी लेकर आगामी श