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भाजपा में उपप्रमुख के लिए पत्ते देर से खुले
डूंगरपुर। जिलापरिषद में पहली बार बने भाजपा के बोर्ड को लेकर पार्टी में काफी उहापोह की स्थिति रही। सिर्फ जिला प्रमुख बल्कि रविवार को उपजिला प्रमुख का नाम तय करने भाजपा में यही हालत देखी गई। अंतिम समय तक भाजपा टिकट को लेकर माथापच्ची करती रही। उपजिला प्रमुख के लिए भाजपा से गिरीश पाटीदार ने पहले नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अंतिम समय में नाम हटा लिया और मणिलाल चावला मैदान में रहे।
जिला प्रमुख का पद एसटी वर्ग से आरक्षित होने के कारण अमूमन उपजिला प्रमुख पद के लिए सामान्य और ओबीसी वर्ग को मौका दिया जाता है। ऐसे में भाजपा से जिला परिषद सदस्य कविता को दावेदार माना जा रहा था। पार्टी का एक धड़ा कविता के पक्ष में नहीं होकर गिरीश पाटीदार की ओर था। वहीं चावला भी दावेदारी जता रहे थे। रविवार को उपजिला प्रमुख पद के लिए सबसे पहले गिरीश ने नामांकन दाखिल किया। इसके बाद डमी के रूप में चावला ने भी आवेदन किया। लेकिन, ऐसे समीकरण बदले कि जिलाध्यक्ष हरीश पाटीदार के नेतृत्व में गिरीश पाटीदार का नामांकन वापस लिया गया।
कविताको मौका नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी : वार्ड18 की जिला परिषद सदस्या कविता उपप्रमुख के लिए तय मानी जा रही थी। उन्हें सागवाड़ा के एक जनप्रतिनिधि ने उपप्रमुख बनाने का वादा किया था। इसी आधार पर वे चुनाव लड़ी। शुक्रवार को भी जब सभी विजयी प्रत्याशी शपथ लेने के लिए कलेक्ट्री पहुंचे तो उस दौरान भी उनके नाम को लेकर राजनीतिक गलियारे गर्मा गए थे। सुबह जब भाजपा की ओर से दो फाॅर्म लिए गए तो भी पार्टी के भीतर यही चर्चा थी कि एक मुख्य दूसरा डमी प्रत्याशी बनाया जाएगा। शहर में पार्टी के एक बड़े नेता के घर पर बाड़ाबंदी कर रखे गए सभी प्रत्याशी जमा थे। सुबह जब फाॅर्म भरे जा रहे थे, तब गिरीश पाटीदार का नाम सामने रखा गया। इस पर वार्ड 18 से सदस्या के गांव के लोग पहुंच गए। उन्होंने इसे धोखा बताया। यहां तक कि बात कार्यकर्ताओं के इस्तीफे तक पहुंच गई। इस पर मामला और गर्मा गया। लोगों ने कहा कि आप तो जिला परिषद सदस्या का भी इस्तीफा ले लीजिए। उनका कहना था कि धोखे में रखा गया है। पार्टी के बड़े नेताओं ने कहा कि उन्होंने कोई वादा नहीं किया, जिसने वादा किया उनसे बात करें। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने कहा कि वे पार्टी के साथ धोखा नहीं करेंगे, लेकिन यह भविष्य के लिए नकारात्मक संदेश होगा। भारी विरोध के बीच गिरीश पाटीदार का नामांकन दाखिल होने के बाद भी उनसे वापस उठवाया गया। कुछ ही देर में गलियाकोट से सदस्य मणिलाल चावला को प्रत्याशी बनाया गया।