जिले में 10 शिशु पालना गृह खुलेंगे
डूंगरपुर। महिलाएवं बाल अधिकारिता विभाग की ओर से जिले में 10 शिशु पालना गृह की स्वीकृति प्राप्त हुई है। ऐसे में आईसीडीएस विभाग की ओर से राज्य सरकार से केंद्र की स्वीकृति आने के बाद प्रस्ताव बनाकर भेज दिए गए हैं।आईसीडीएस के द्वारा पूरे राज्य में छोटे बच्चों की देखभाल तथा उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रत्येक जिले में शिशु पालना गृह खोलने की योजना चल रही थी। इसके बाद सरकार आपके द्वार में इस योजना की स्वीकृति मिलने के बाद जिले में 10 केंद्र खोले जाएंगे। यहांखुलेंगे केंद्र : डूंगरपुरशहर-2, सागवाड़ा शहर-1, सागवाड़ा ग्रामीण-1, चिखली-1, गामडी अहाड़ा-1, आसपुर-1, साबला-1, बिछीवाड़ा-1, सीमलवाड़ा-1
यह होगी सुविधा
शिशुपालना गृह में भर्ती होने वाले बच्चों को दूध, पोषण युक्त खाद्य पदार्थ की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही मेडिकल की सुविधा भी होगी। केंद्र में सप्ताह में एक बार डॉक्टर की विजिट होगी। इसके साथ ही सभी प्रकार की सरकारी सुविधाओं तथा योजनाओं का संचालन होगा।
^जिले में 10 केंद्रों की परमिशन प्राप्त हुई है। इसके आधार पर तैयारी पूरी कर ली गई है। स्टाफ के दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। शहर में दो तथा सभी परियोजना में 1 केंद्र खोले जाएंगे।\\\'\\\' -लक्ष्मीचरपोटा, उपनिदेशकआईसीडीएस डूंगरपुर
यह होगा शिशु पालना गृह
आईसीडीएससे खोले जाने वाले इस शिशु पालना गृह में 1 माह से 3 वर्ष की आयु के बच्चों को रखा जाएगा। इस केंद्र में बच्चों के पालन-पोषण की संपूर्ण जिम्मेदारी आया की रहेगी। इस केंद्र से बच्चों को नजदीक के आंगनवाड़ी केंद्र में भेजा जाएगा। शिशु पालना गृह में ऐसे बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो अथवा माता या पिता में एक की मृत्यु हो गई हो। इसके साथ ही गरीब वर्ग के बच्चे जिनके माता-पिता दोनों मजदूरी के लिए जाते हो और बच्चों की जिम्मेदारी लेने वाला घर पर कोई नहीं हो उन बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।