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सागवाड़ा क्षेत्र में अब तक 11 लोग फ्लू की चपेट में

6 वर्ष पहले
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स्कूली बच्चों में खास एहतियात

इधर, गलियाकोट में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत

चार मौतों के बाद भी फ्लू का बजट नहीं

जिलेमें स्वाइन फ्लू से अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है। 6-7 से ज्यादा स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसके अलावा हजारों की तादाद में लोग इस बीमारी को लेकर सहमे हुए हैं। आयुर्वेदिक काढ़े का सहारा ले रहे हैं। इसके विपरीत अब तक चिकित्सा विभाग को इससे निबटने के लिए सरकारी बजट नहीं मिला है। इसके लिए विभाग को डेढ़ लाख रुपए के बजट का मौखिक स्वीकृति जरूर मिल गई है, लेकिन रुपए नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में विभाग स्वाइन फ्लू के इलाज और जागरुकता के लिए एनआरएचएम के मद से बजट खर्च कर लोगों को इलाज कर रहा है। इसके विपरीत विभाग स्वाइन फ्लू से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम के दावे कर रहा है। अब तक स्वाइन फ्लू पीड़ित मरीज मिलने के बाद उसके गांव-मोहल्ले में सर्वे करवाता था, लेकिन अब स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज मिलने का इंतजार नहीं कर पहले ही सर्वे करवाया जाएगा।

सीएमएचओ डॉ. राजाराम मीणा ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सभी चिकित्सा अधिकारियों को सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की सही तरीके से जांच कर दवाइयां देने के निर्देश दिए हैं। जिले के पांचों ब्लॉक और सभी सीएचसी पीएचसी के डॉक्टर को गांव-गांव में सर्वे शुरू करने में लगाया जा रहा है।

इधी गलियाकोट में चिकित्सा टीमें गांव में घर-घर सर्वे कर रही है। सर्दी-जुकाम, खासी के मरीजों की जांच कर दवाईयां दी जा रही है। मृतका के परिवार के लोगों को भी टेमी फ्लू दे दी गई है। विभाग गांव में हर स्थिति पर नजर रखे हुए है।

बिना सूचना के ही निकल गए थे

डॉ.महेंद्र जाखड़ ने बताया कि 2 फरवरी को महिला बीमार हुई। इस पर परिजन गुजरात में मोड़ासा के निजी अस्पताल लेकर गए। वहां 3 दिनों तक इलाज चला। कुछ आराम मिलने के बाद 5 फरवरी को घर ले आए। 6 फरवरी को फिर से तबीयत खराब हुई, तो परिजन उसे गलियाकोट अस्पताल लेकर गए। जांच में स्वाइन फ्लू संदिग्ध मानते हुए महिला को उदयपुर रैफर कर दिया। उदयपुर में उसके स्वाइन फ्लू की जांच हुई। 7 फरवरी को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई। डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। लेकिन रविवार को परिवार के लोग उदयपुर अस्पताल में बिना जानकारी दिए ही गुजरात के हिम्मतनगर में ले गए,जहहां शाम 4 बजे महिला की मौत हो गई।

उदयपुर के मेडिकल कॉलेज में हुई थी पुष्टि, रात में शव दफनाया

पिंडावल में 55 घरों पर हुआ सर्वे

पिंडावल.गांवमें एक स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीज मिलने के बाद चिकित्सा विभाग की टीमों ने सोमवार को घर-घर सर्वे शुरू कर दी। मेलनर्स विष्णु उपाध्याय ने बताया कि गांव में 55 घरों में सर्वे किया, जिसमें 3 लोग सामान्य बीमारी से पीड़ित मिले, जिन्हें दवाई दे दी है। इधर, स्वाइन फ्लू संदिग्ध मिले बालक की हालत में भी सुधार बताया जा रहा है। इसके बाद गांवों में स्थित निजी स्कूलों में भी सर्तकता बरती जा रही है। न्यू आदर्श पब्लिक सैकंडरी स्कूल के डायरेक्टर भूपेंद्र जैन ने बताया कि सभी बच्चों के मास्क लगाकर आने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह नवज्योति मावि माल के संचालन निर्मल पंड्या ने बताया कि स्कूल में साफ-सफाई बरती जा रही है और प्रार्थना सभा नहीं कर रहे हैं।

अब तक महिलाएं ज्यादा हुई पीड़ित

{3जनवरी को सागवाड़ा क्षेत्र में एक महिला के स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। चितरी में एक युवक के भी स्वाइन फ्लू पाया गया।

{12 जनवरी को चितरी क्षेत्र के विनोद (25) की स्वाइन फ्लू से उदयपुर अस्पताल में मौत हो गई। वहीं दीवड़ाबड़ा में भी पिछले दिनों एक महिला की मौत हो चुकी है।

{16 जनवरी को सागवाड़ा क्षेत्र के लिमडी गांव में भी स्वाइन फ्लू संदिग्ध महिला की मौत हो चुकी है।

{17 जनवरी को भीलूड़ा गांव में एक 55 वर्षीया महिला को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।

{27 जनवरी को कनबा गांव की एक 50 वर्षीया महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।

{इसी दिन बनकोड़ा गांव की 28 वर्षीया महिला के स्वाइन फ्लू संदिग्ध होने पर इलाज शुरू।

10 हजार टेमी फ्लू और जरूरत

चिकित्साविभाग के पास अभी साढ़े 6 हजार टेमी फ्लू है। सीएमएचओ डॉ. राजाराम मीणा ने बताया कि 5 हजार टेमी फ्लू 75 एमजी, 1500 टेमी फ्लू 30 एमजी की स्टॉक में है। वहीं 300 सीरप भी है। 10 हजार टेमी फ्लू की ओर जरूरत है। इसकी डिमांड विभाग को भेज दी गई है और एक-दो दिनों में सप्लाई होने की भी संभावना है।

पिंडावल. स्वाइन फ्लू के डर से क्षेत्र की एक निजी स्कूल में मास्क लगाकर बच्चे पहुंचे।