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सागवाड़ा शहर में जाम से नहीं मिल रही निजात

7 वर्ष पहले
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यहां पर खास सुधार की आवश्यकता

शहरकी हृदय स्थली माने जाने वाले गोल चौराहा, मुख्य मार्केट, गामोठवाड़ा मार्ग, महिपाल स्कूल से मांडवी चौक, तहसील के आसपास, चिकित्सालय के पास, प्राईवेट बस स्टेंड पर मुख्य सड़क पर ही वाहन खडे कर देने से जाम की स्थिति जाती है। इस तरह ट्रैफिक नियमों को अनदेखा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं फुटकर सामान बेचने वाले कई व्यक्तियों ने सड़कों पर ही बिक्री के लिए सामान रख कर पिछले लंबे समय से अपना स्थाई डेरा जमा लिया है। जिससे कई जगह तो सड़कें भी काफी संकरी हो गई है। शहर की बिगड़ी ट्रेफिक व्यवस्था में सुधार के लिए तो नगर पालिका प्रशासन की ओर कोई प्रयास किए जा रहे है और नहीं पुलिस प्रशासन इस बारे में सुध ले रहा है। इससे सागवाड़ा के स्थानीय निवासियों को समस्याएं तो होती हैं। वहीं, डूंगरपर-बांसवाड़ा मुख्य मार्ग होने के कारण अन्य कई वाहनों का आना-जाना रहता है।

भास्कर न्यूज। सागवाड़ा

सागवाड़ा शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है। लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या, बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर देने और ठेला चालकों से आए दिन शहर में जाम लग जाता है। बुधवार को सुबह के व्यस्त समय में गामोठवाड़ा मार्ग पर आमने-सामने दो चौपहिया वाहनों के आते ही जाम की स्थिति बन गई।

जिससे कई दुपहिया और चौपहिया वाहनों की दोनों तरफ कतारें लग गई। शहर में बाहर से आने वाले नागरिकों द्वारा भी दुपहिया और चौपहिया वाहन सड़कों पर ही खड़े कर दिए जाते है। गामोठवाड़ा मार्ग पर एक तो सड़क के किनारे पहले से ही कैबिन लगे हुए और उन केबिन के सामने ही सब्जी अन्य सामग्री बेचने के लिए हाथलारियां लेकर खडे हो जाते है।

ऐसे में सुबह और शाम के अतिव्यस्ततम समय में लोगों को भारी परेशानी जाती है। सड़कों पर कई बार तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। गोल चौराहे से गामोठवाड़ा और महिपाल स्कूल से मांडवी चौक तक जाने वाले मार्ग पर बीच सड़क ही वाहन खड़ा कर देने से आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। यातायात व्यवस्था में सुधार करवाने की मांग को लेकर पुलिस थाने में आयोजित होने वाली सीएलजी की बैठकों में भी बात उठाई जाती है। लेकिन कुछ समय के लिए स्थितियां सुधरती है उसके बाद पहले जैसी स्थिति वापस बन जाती होती है। इस पर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाने के कारण लगातार बाजार की सड़को