पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कलश पोथीयात्रा के साथ गौरेश्वर में शिवकथा

कलश पोथीयात्रा के साथ गौरेश्वर में शिवकथा

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गायत्रीपरिवार एवं गौरेश्वर विकास समिति के सानिध्य में गौरेश्वर महादेव मंदिर परिसर दीवड़ा बड़ा में शिवकथा मर्मज्ञ गिरि बापू की शिवकथा गुरुवार से शुरू हुई। दीवड़ा बड़ा स्थित साईं मंदिर से गाजे-बाजों के साथ कलश एवं पोथीयात्रा निकाली गई।

यात्रा में मुख्य यजमान कमलेश सिंह राव परिवार बग्घी पर सवार थे। उनके आगे सिर पर पोथी लिए यजमान और महिलाएं कलश धारण किए चल रही थी। विभिन्न मार्गों से होते हुए मंगल गीत भजन-कीर्तन के साथ निकली पोथी यात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्प गुलाल से स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने यात्रा के साथ चल रहे कथाकार गिरि बापू के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया।

कथास्थल पहुंचने पर पं. गजानंद शास्त्री पादरा के आचार्यत्व में मुख्य यजमान कमलेश सिंह राव परिवार एवं महारुद्र के यजमान मोहनलाल पारड़ा माताजी ने मंत्रोच्चार के बीच व्यास पीठ एवं पोथी पूजन किया। इसके बाद गौरेश्वर विकास समिति अध्यक्ष लालजी पाटीदार, गायत्री परिवार जिला संयोजक भूपेंद्र पंड्या, सीता-राम आश्रम के महंत मोतीराम पुरोहित, कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री, भागवत कथा समिति सागवाड़ा के नानूलाल मोड़ पटेल, प्रभुलाल वाडेल, अनिल वाडेल, देवीलाल पटेल, गायत्री परिवार के तुलसीराम व्यास नारायण पंड्या, सरपंच जयप्रकाश पारगी शांति डोडियार, मोहनलाल पाटीदार सहित कई कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर कथाकार बापू का स्वागत किया। संचालन भूपेंद्र पंड्या ने किया। कथा के बाद गौतमलाल पाटीदार ज्ञानपुर की ओर से महाप्रसाद हुआ।

विचारों का विष जबान पर नहीं आने दें- गिरि बापू

कथाके पहले दिन बापू ने संक्षिप्त रूप से शिवकथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि कथा श्रवण से मन के विकार दूर होते हैं और मन-मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि जीवन में हर पल व्यवहार वाणी से व्यक्ति को विष पीना पड़ता है। लेकिन विषपान भगवान शंकर के समान करें इसे गले तक ही रोके रखें, पेट में नहीं जाने दें। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने विष को गले में इसलिए रोके रखा क्योंकि उनके हृदय में स्थित नारायण भगवान तक विष पहुंचाना नहीं चाहते थे। जिनके पेट में विष है, वे व्यक्ति भक्ति नहीं कर सकते। यदि हम अपने कटु वचनों को गले तक ही रोक कर रखें तो जीवन में अमृत्व प्राप्त करेंगे। गौरेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष लालजी पाटीदार ने बताया कि 19 फरवरी तक रोज सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक कथा होगी।

भीलूड़ा. शिवकथा से पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में सिर पर कलश लिए चलती महिलाएं।

कथाकार एवं व्यास पीठ का पूजन करते मुख्य यजमान।

खबरें और भी हैं...