शिक्षा सहयोगी के बचाव में आए अभिभावक और शिक्षक संगठन
सागवाड़ा। राजकीयप्राथमिक विद्यालय माताजी फला जोधपुरा में एवजी शिक्षक द्वारा पढ़ाई कराने और नियमित शिक्षक को एपीओ करने के मामले में बच्चों के अभिभावक और ग्रामीणों के साथ शिक्षक संगठन भी बचाव में आगे गए हैं। एसएमसी अध्यक्ष हरीश बामणिया, हीरालाल, कांता, उदयलाल, कचरा, सोमा भाई, कमलेश रोत, गणपत, सुनील रोत सहित अभिभावकों ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षा सहयोगी धूलजी डामोर प्रतिनियुक्ति पर माताजी फला में लगा हुआ है। उसकी प|ी को लकवे का दौरा पड़ने से 6 फरवरी को सुबह 3 बजे उदयपुर में एक निजी अस्पताल में इलाज कराने निकल गया था। जिसकी सूचना नोडल प्रभारी को सुबह 6 बजे ही दूरभाष पर दे दी थी। नोडल प्रभारी ने उसे चपरासी को सूचना देने और पोषाहार खिलाकर बच्चों को छुट्टी देने के निर्देश दे दिए थे। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में कार्यरत शिक्षा सहयोगी धूलजी नियमित स्कूल में आकर पढ़ाई करवाता है और एवज में अन्य किसी को भी नहीं लगा रखा है।
गौरतलब है कि शनिवार को डीईओ प्रारंभिक कांतिलाल डामोर इस स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। डामोर के अनुसार स्कूल में पदस्थापित अध्यापक धूलजी बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित था और उसके स्थान पर पढ़ाई कराते हुए एवजी शिक्षक मिला था। जिस पर डीईओ ने उसे एपीओ कर दिया था। इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के जिलाध्यक्ष सुभाष भट्ट, उप शाखाध्यक्ष मनोज पंड्या, कोषाध्यक्ष गजेंद्र जैन, संभाग मंत्री लोकेश भट्ट ने बताया कि पिछले दस सालों से एपीओ किए गए शिक्षक की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। साथ ही डीईओ द्वारा शिक्षक की तत्कालीन परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हुए की गई कार्रवाई को अनुचित बताया।