दो दिन और बढ़ा इंतजार
पंचायतराज चुनावों के लिए सरपंच, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्य के वार्डों के निर्धारण के लिए 12 दिसंबर को निकलने वाली लाॅटरी के अचानक तीन दिन आगे खिसकने से चुनाव लडने के दावेदारों की धडकनें बढा दी हैं।
ऐसे में नेताओं से लेकर आमजन को बढे हुए दिनों का इंतजार खासा खल रहा है। जिससे लाॅटरी आरक्षण को लेकर 12 दिसंबर को विराम लेने जा रही चर्चाएं एक बार फिर से गरमा गई है। लोगों का कहना है कि जब तक लाॅटरी नहीं निकल जाती तब तक चुनाव लडने के दावेदार केवल चर्चाओं और चुनावी गुणा भाग में ही जुटे रहेंगे। लोगों का कहना है कि चुनाव की तस्वीर सीटों के लिए निकलने बाली लाॅटरी के बाद ही साफ तौर पर उभरकर सामनेे पाएगी। ऐंसे में चुनावी समर में कूदने की तैयारी कर रहे नेताओं ही नहीं उनके समर्थकों एवं आम मतदाताओं को भी जिले में 15 और 16 दिसंबर को निकलने जा रही चुनावी लाॅटरी का बेसब्री से इंतजार है।
चौपालों पर होने लगी चर्चा
यूंतांे चर्चाओं में हर जगह सिर्फ और सिर्फ चुनाव की ही चर्चाएं हैं। लेकिन गांवों की सरकार चुनने के लिए गांवों की चौपालें भी चर्चाओं से अछूती नहीं हैं। भले ही ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति वार्डाें और जिला परिषद वार्डों की लाॅटरी तय होनी है। लेकिन लोगों में चुनावी भूत इस कदर चढा हुआ है कि बिना चुनाव हुए ही किसी किसी को चुनाव जिता दे रहे हैं। ऐसे मेें चुनाव लडने बाले नेताओं के चर्चे जोर पकडने लगे हैं। लेकिन लाॅटरी निकलने में हो रही देरी और चुनावी कार्यक्रम की घोषणा पल पल लोगों पर भारी पड रही है।