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फुटस्टेप ओवरब्रिज नहीं, रोज खतरा लेते मौळ

7 वर्ष पहले
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वैसेरेलवे ट्रेक पार करना जुर्म है। आरोपी को जेल भी हो सकती है, लेकिन समदड़ी-भीलड़ी ट्रेक पर एक भी फुटस्टेप ब्रिज नहीं होने से यात्री मजबूरन अपनी जान जोखिम में डाल कर ट्रेक पार करते हैं। ये सब होता रेलवे अधिकारियों की नजरों के सामने, लेकिन कार्रवाई के बजाय कोई उन्हें रोकता-टोकता तक नहीं। इसके चलते यात्री ट्रेक पार करने के लिए कई बार दूसरे तथा तीसरे रेलवे प्लेट फार्म खड़ी मालगाड़ी के बीच से या फिर नीचे से होकर जान जोखिम में डालकर गुजर जाते हैं। ऐसे में हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। रेलवे नियमानुसार यह गलत है, लेकिन लोग मजबूरन यह गलती बार-बार करते हैं। उन्हें यह तक पता नहीं यह गलती कब किस पर भारी पड़ सकती है। कारण, फुटस्टेप ओवरब्रिज का अभाव।

फुटस्टेपओवर ब्रिज की यहां सबसे अधिक जरूरत

फुटस्टेपओवरब्रिज की मोकलसर रेलवे स्टेशन पर सबसे ज्यादा जरूरत है। यहां पर प्रतिदिन पैसेंजर गाड़ियों के अलावा सुपर फास्ट ट्रेनों का ठहराव होता है। इसके बावजूद रेलवे फुटस्टेप ओवरब्रिज निर्माण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।

कभीभी हो सकता है बड़ा हादसा

जानकारीके अनुसार समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में कुल 21 रेलवे स्टेशन है। इनमें समदड़ी-भीलड़ी के अलावा जालोर में ही फुट स्टेप ओवरब्रिज है, जबकि भीनमाल में लगभग बनकर तैयार हो चुका है। इन स्टेशनों पर ही यात्री फुटस्टेप ओवर ब्रिज के माध्यम से दूसरी तथा तीसरी लाइन पर खड़ी गाड़ी पकड़ सकते हैं। बामसीन, राखी, मोकलसर के अलावा जालोर के बालवाड़ा, बिशनगढ़, जागनाथ, बागरा, बाकरारोड, मोदरान, भीमपुरा, लेदरमेर, कोरी, मालवाड़ा, रानीवाड़ा, रतनपुर तथा गुजरात के जारी, धानेरा, रामसन तथा जेनाल स्टेशन है। जहां पर हर रोज फुटस्टेप ओवरब्रिज के अभाव में हर रोज नियम-कायदे टूटते हैं तथा यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

अभीयह है स्थिति

वर्ष2010 में आमान परिवर्तन के बाद समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में यात्री गाडिय़ों का संचालन शुरू हुआ। राजस्थान और गुजरात को जोड़ने वाले 223.44 किलोमीटर इस महत्वपूर्ण रूट पर 21 स्टेशन हैं। जहां पर प्रतिदिन सवारी गाड़ी तथा कई साप्ताहिक ट्रेनों के अलावा दिन में दर्जनों मालगाड़ियों की आवाजाही होती है तथा रेलवे के अर्निंग के लिहाज से यह सबसे महत्वपूर्ण रूट है।