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नहर आए बीते आठ साल, मगर सांचौर को भी नसीब नहीं हुआ नहरी पेयजल

6 वर्ष पहले
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नर्मदानहर के आठ साल पूरे होने के बाद भी सांचौर नगरपालिका क्षेत्र में नर्मदा से जलापूर्ति नहीं होने से 35 हजार की आबादी को नहरी पेयजल नसीब नहीं हुआ है। सांचौर शहर के अलावा नर्मदा नहर परियोजना के तहत रानीवाड़ा, जसवंतपुरा सांचोर सहित 138 गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए पहाड़पुरा में बने रहे डीआर प्रोजेक्टर का कार्य मंद गति से चलने से अभी तक प्रोजेक्ट का 80 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ हैं। इसमें रॉ वॉटर डिग्गी निर्माण का कार्य 80 प्रतिशत फिल्टर प्लांट के लिए भी 80 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। काम की धीमी गति से चल रहे कार्य के कारण फरवरी 2015 में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट अब जून 15 में पूरा होगा। प्रोजेक्ट अधूरा रहने से 138 गांवों के लोगों को पानी के लिए अभी ओर इंतजार करना होगा। नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत गुजरात स्थित सरदार सरोवर बांध से 485 किमी लंबी नर्मदा नहर का पानी जून2008 में क्षेत्र के सीलू गांव में आया था। इसके बाद 74 किमी लंबी नहर से नेहड़ बेल्ट की भूमि को सिंचित करने के साथ जिले के 697 गांवों तथा तीन कस्बों को जोड़कर पेयजल समस्या के स्थाई समाधान का प्लान तैयार किया गया था। जिसमें 138 गांव तीन शहरों को जोड़ने के लिए सांचौर के निकट पहाड़पुरा गांव में डीआर सांचौर-रानीवाड़ा कलां-जसवंतपुरा प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत आगार गांव में नहर के आहरण तथा पहाड़पुरा पर बनी डिग्गी में पानी स्टोरेज के साथ स्वच्छ जल के भंडारण पंपिग का कार्य किया जा रहा हैं। स्वच्छ जल को पहाड़पुरा से अंतिम टेल राजीकावास, बडग़ांव धनोल तक पहुंचाने के लिए कुल 125 किमी लंबी पाइप लाइन एवं पहाड़पुरा, सरनाऊ, कुड़ा एवं रानीवाड़ा कला में उच्च क्षमता की पंपिंग स्टेशन के लिए पंप हाउस का निर्माण किया किया जा रहा हैं। उक्त कार्य के लिए 135.85 करोड़ रुपए का कार्यादेश जारी किया जा चुका हैं, जिसके तहत संबंधित एजेंसी की ओर से निर्माण कार्य जारी हैं।

वर्ष2041 तक की आबादी को मिलेगा नहरी पानी

डीआरप्रोजेक्ट के तहत सांचौर विधानसभा क्षेत्र के 42 गांव तथा सांचौर शहर सहित रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के 96 गांव के लोगों को पीने के लिए मीठा पानी नसीब होगा। परियोजना के प्रथम फेज में वर्ष 2026 तक प्रतिदिन 4.62 करोड़ लीटर प्रतिदिन पानी उपलब्ध करवाने तथा द्वितीय फेज में वर्ष 2041 तक 5.80 करोड़ लीटर प्रतिदिन पानी उपलब्ध करवाया जा सकेगा।

40से 45 उच्च जलाशय बनेंगे

सांचौरशहर सहित उपखंड के 138 गांवों तीन शहरों के लिए डीआर प्रोजेक्ट से जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन पर करीबन 40 से 45 उच्च जलाशय बनाए जाएंगे, जिन्हें उक्त पाइप लाइन से जोड़कर 138 गांवों तक पाइप लाइन बिछाकर प्रत्येक गांव को नर्मदा नहर से जलापूर्ति करने की कलस्टर योजना के लिए 150करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी हैं।

विद्युत सब स्टेशन जलाशय का कार्य बाकी

डीआरप्रोजेक्टर को लेकर 125 किमी तक बिछाई जाने वाली पाइप लाइन में से अभी तक 35 किमी तक की पाइप लाइन बिछाने का कार्य बाकी रहा हैं। जबकि जलापूर्ति के लिए पंप चलाने के लिए आगार, पहाड़पुरा, सरनाऊ, कुड़ा एवं रानीवाड़ा कला पर 33 केवी के विद्युत सब स्टेशनों का कार्य अभी तक शुरू ही नहीं किया गया हैं। वहीं प्रोजेक्ट के तहत बनाए जा रहे 5 जलाशयों में से अभी तक मात्र सरनाऊ जलाशय का कार्य ही हाल ही में शुरू किया हैं। जबकि बाकी चार जलाशयों का कार्य ठेकेदार ने अभी तक शुरू ही नहीं किया, ऐसे में आगामी पांच माह में कार्य पूरा में होने में संदेह हैं। फिलवक्त नर्मदा नहर के आरडी 16 से डीआर प्रोजेक्ट पहाड़पुरा में पानी लेने के लिए नर्मदा पीएचईडी अधिकारियों की वार्ता उच्च अधिकारियो के साथ चल रही है उक्त वार्ता के बाद ही स्थिति ही स्पष्ट हो पाएगी।

जून 15 तक कार्य पूरा कर दिया जाएगा

^डीआरप्रोजेक्ट कार्य 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। प्रोजेक्ट कार्य फरवरी में पूरा होने वाला था जो अब जून 15 तक पूरा कर दिया जाएगा। -प्रहलादराम पंवार, अधिशासी अभियंता, डीआर प्रोजेक्ट

पहाड़पुरा में बन रहा है जल शोधन संयत्र

जलापूर्तिके लिहाज से उपखंड के 138 गांवों तीन शहरों में नर्मदा का पानी पेयजल के लिए उपलब्ध करवाने के लिए पहाड़पुरा में 435 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का जल शोधन संयत्र स्थापित किया जा रहा हैं। वहीं स्वच्छ जल के लिए पांच जलाशय बनाए जाने हैं, जिसमें पहाड़पुरा में 38 लाख लीटर, सरनाऊ में 25 लाख लीटर, कुड़ा में 21 लाख लीटर, रानीवाड़ा में 16.5 लाख लीटर तथा बडगांव में 2.5 लाख लीटर के स्वच्छ जलाशय बनाए जाने हैं। इनमें से अभी तक केवल सरनाऊ में ही जलाशय का कार्य शुरू किया गया है जबकि बाकी स्वच्छ जलाशयों का कार्य अभी तक शुरू ही नहीं किया है। जलापूर्ति के लिए पंप चलाने के लिए आगार, पहाड़पुरा, सरनाऊ, कुड़ा एवं रानीवाड़ा कला पर 33 केवी के विद्युत सब स्टेशन बनाए जाने बाकी है।

डीआर प्रोजेक्टर योजना के निर्माण के लिए संशोधित 135.85 करोड़ रुपए तकनीकी स्वीकृति मैसर्स एनसीसी लिमिटेड हैदराबाद को 8फरवरी 2013 को की दी थी। जिसमें कार्य अवधि 24 महीने का मूल कार्य तथा आगामी 10 वर्ष संधारण की शर्त रखी थी। संबंधित कंपनी को कार्य फरवरी 2015 में पूरा करने का लक्ष्य दिया था। परियोजना को लेकर नर्मदा नहर की आरडी 16 पर जल स्त्रोत तथा पहाड़पुरा पर 105 करोड़ लीटर क्षमता का रॉ वॉटर डिग्गी बनाई जानी थी। वहीं अंतिम टेल तक पानी पहुंचाने के लिए 900 एमएम से 150 एमएम तक कुल 125 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाने का लक्ष्य तय किया गया था। जलापूर्ति को लेकर नर्मदा नहर आगार आरडी 16, पहाड़पुरा, सरनाऊ, कुड़ा रानीवाड़ा कला में कुल 5240 एचपी का पंप हाउस बनाया जा रहा है।

सांचौर शहर को भी नसीब नहीं हुआ पानी

सांचौरनगरपालिका क्षेत्र में नर्मदा से जलापूर्ति नहीं होने से 35 हजार की आबादी को नहर के आने के आठ साल बाद भी पेयजल नसीब नहीं हुआ है। सांचौर शहर को नर्मदा के पानी से जोड़ने के लिए तो जनप्रतिनिधियों ने मजबूत पहल की ही प्रशासनिक स्तर पर कोई मसौदा तैयार किया गया जिसकी वजह से नर्मदा नहर आने के बाद भी सांचौर वासी खारा पानी पीने को मजबूर है, वहीं फ्लोराईड युक्त पानी से मुक्ति पाने को लेकर लोग लंबे समय से नहरी पानी की मांग करते रहे हैं, मगर सांचौरवासियों को नर्मदा का पानी आज दिन तक नसीब नहीं हुआ हैं। आने वाले नगरपालिका चुनाव में नर्मदा पानी मुहैया कराने को लेकर यह बड़ा मुद्दा बन सकती है।