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रतनपुरा गांव में 15 साल से नहीं हो रही जलापूर्ति
उपखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित रतनपुरा गांव में पिछले पंद्रह साल से जलापूर्ति नहीं हो रही है। 150 घरों की आबादी वाले रतनपुरा गांव के बाशिंदो को पीने के पानी के लिए दर दर भटकने के साथ पीने पशुओं के लिए प्रति टैंकर 400 रुपए चुका कर पानी खरीदना पड़ रहा है। चौंकाने वाली बात है कि ग्रामीणों की मांग पर चार साल पहले एमएलए कोटे से यहां जीएलआर तो बना दिया मगर विभाग की ओर से इसमें आज दिन तक इसमें जलापूर्ति नहीं हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि उपखंड मुख्यालय स्थित जलदाय विभाग की बडी़ टंकी से अगर रतनपुरा जीएलआर के पाईप लाईन को जोड़ दिया जाए तो गांव मे आसानी से जलापूर्ति हो सकती है।
जीएलआरबना, नहीं हुई जलापूर्ति : रतनपुरागांव लगभग डेढ सौ घरो की आबादी का गांव है। वहीं पूरे गांव मे मात्र एक ही जीएलआर बना है। वो भी चार साल से सूखा होने के कारण पानी नहीं मिल रहा है। जलदाय विभाग ने चार साल पहले जीएलआर में पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन तो जोड़ दी थी मगर आज दिन तक सुचारू जलापूर्ति नहीं होने से जीएलआर किसी काम नहीं रहा है। शेष|पेज18
नहरसे जोड़ने का प्रस्ताव बना भेजा है : नेहड़क्षेत्र के कई गांवों मे लंबे समय से अस्सी प्रतिशत जीएलआर सूखे पड़े हैं। नर्मदा नहर आने से ज्यादातर जीएलआर को नर्मदा नहर से जोड़कर जलापूर्ति करने की योजना बनाई जा रही है। नहर से जोड़ने की योजना का सर्वे करके प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजे जा रहे हैं। जिसमे होथीगांव ,सीलूसन शिवपुरा को नर्मदा से जोड़ने की राज्य सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। अगडा़वा, सीसावा खेजडिय़ाली के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं, स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। रतनपुरा गांव में जीएलआर मेरे ध्यान मे नही था। मै पता करके प्रस्ताव बना उच्चाधिकारियों को अवगत कराउंगा।
हरीरामचौधरी, एईएनजलदाय विभाग सांचौर
ग्राम पंचायत ने कई बार प्रस्ताव बना पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग को अवगत करवाया था। मगर विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
-हेमाराम कोली, सरपंचग्राम पंचायत गोम
अधिकारी सुनवाई नहीं करते
^सांचौरचितलवाना के नेहड़ क्षेत्र मे जलदाय विभाग के बने जीएलआर वर्षो से सूखे पड़े है। ग्रामीणों जनप्रधिनिधियों ने जलदाय विभाग को समस्या से लाखों बार अवगत भी करवाया था। मगर कर्मचारी अधिकारी ध्यान ही नहीं देते,जल्द ही पानी उपलब्ध करवान