अपने गढ़ में जीत कर हारी कांग्रेस
भास्कर न्यूज | डूंगरी/चितलवाना
चितलवाना पंचायत समिति के प्रधान चुनावों में करिशमाई परिणाम देखने को मिले। कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद प्रधान पद पर बीजेपी के हनुमानप्रसाद भादु ने क्रॉस वोट से जीत दर्ज की। जबकि कांग्रेस पार्टी पंचायत समिति सदस्यों के चुनावी नतीजों में 9 सीट जीत कर प्रधान बनाने का दावा कर रही थी। शनिवार को कांग्रेस प्रत्याशी यशपालसिंह ने नामांकन भरा, लेकिन क्रॉस वोट के कारण बीजेपी के दावेदार हनुमानप्रसाद भादु जीत गए। दोपहर को तीन बजे जब प्रधान के चुनाव शुरु हुए तोकांग्रेस के 9 प्रत्याशियों ने एक साथ वोट डाला उसके कुछ देर बाद बीजेपी के सदस्यों ने वोट डाले। कांग्रेस जीत को लेकर आश्वस्त थी, मगर परिणाम आए तो बीजेपी को 9 वोट के साथ बहुमत मिला। सांचौर विधायक सुखराम विश्नोई के गृह पंचायत में कांग्रेस पार्टी के पास बहुमत होने के बावजूद बीजेपी ने प्रधान की सीट पर कब्जा जमा लिया। कांग्रेस पार्टी में प्रधान के दावेदारों को लेकर समय पर कोई निर्णय नहीं हो पाया था। जिसके कारण शनिवार को 9 बजे तक कांग्रेस का दावेदार तय नहीं हो पाया। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए बीजेपी के नेताओं ने सेंधमारी करने के साथ 3 बजे तक अपना प्रधान बना लिया।
जीतको लेकर आश्वस्त थी भाजपा
चितलवानापंचायत समिति के प्रधान चुनावों में सांचौर चितलवाना भाजपा मंडल के सभी नेता अपना प्रधान चुनने को लेकर आश्वस्त थे। जैसे ही चुनाव अधिकारी ने बीजेपी के उम्मीदवार हनुमानप्रसाद भादु की जीत की घोषणा की तो कांग्रेस खेमे में मायूसी छा गई।
कांग्रेस की आपसी लड़ाई ने छीनी प्रधान सीटें
सांचौरमें कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की लड़ाई के कारण सांचौर चितलवाना में प्रधान की सीट बीजेपी के खाते में चली गई। कांग्रेस के कद्दावर नेता सांचौर पूर्व विधायक हीरालाल विश्नोई तथा सांचौर विधायक सुखराम विश्नोई में गुटबाजी के कारण पंचायत समिति सदस्यों के टिकट वितरण में काफी स्थान पर उम्मीदवारों को लेकर गहमागहमी रही। ऐसे में कई जगह इन नेताओं ने अपने ही दल के उम्मीदवारों को हराने का काम किया। वार्ड 17 से कांग्रेस टिकट देने में काफी घमासान हुआ उसके बाद टीकमाराम को टिकट दिया, जिसे कांग्रेस नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने ही हराने का काम किया। टिकट वितरण में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की दोनों बड़े नेताओं की आपसी लड़ाई की वजह से सांचौर चितलवाना में प्रधान की सीट खोनी पड़ी।