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रानीवाड़ा में प्रधान-उप प्रधान कांग्रेस के

6 वर्ष पहले
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विधानसभा,लोकसभा और नगर निकाय चुनावों में एक के बाद एक लगातार जीत के बाद एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ने रिकॉर्ड तोड़ बहुमत हासिल कर पंचायत चुनावों में भी जिला प्रमुख उपप्रमुख सहित आठ में से सात पंचायत समितियों में भाजपा के प्रधान और उपप्रधान बनाने में सफलता हासिल की है, वहीं गृह स्थान होने के बावजूद रानीवाड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायक भाजपा के प्रधान और उपप्रधान बनाने में नाकामयाब रहे हैं। इसके उलट रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में हार झेलने के बावजूद पूर्व विधायक रतन देवासी के नेतृत्व में कांग्रेस ने डूबती नैया को किनारे पर लाने का प्रयास किया है।

कांग्रेसको हुआ नुकसान

विधानसभाऔर लोकसभा चुनावों के बाद प्रधान उपप्रधान के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान हुआ है। रानीवाड़ा पूर्व विधायक देवासी ने भाजपा के असंतुष्ट अर्जुनसिंह देवड़ा उनके पुत्र राघवेंद्रसिंह बडग़ांव के सहारे कांग्रेस प्रत्याशी रमीला देवी को भाजपा की वर्षादेवी के मुकाबले 10-9 से हराकर जिले में एकमात्र कांग्रेस प्रधान उपप्रधान बनाने में सफलता हासिल करते हुए कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने से बचाया है।

चितलवानामें आपसी लड़ाई से भाजपा को मिला फायदा

भाजपाने कांग्रेस में सेंध लगाकर चितलवाना प्रधान के बाद उपप्रधान का पद भी जीत लिया है। जिसके बाद सांसद देवजी पटेल एवं विधायक जीवाराम चौधरी ने राहत महसूस की है। यहां कांग्रेस के पूर्व विधायक हीरालाल विश्नोई सांचौर विधायक सुखराम विश्नोई में गुटबाजी के कारण भाजपा को फायदा मिला है। चितलवाना समिति में भाजपा एक सीट कम होने के बावजूद प्रधान और उपप्रधान दोनों अपने बनाने में सफल रही है।

खुद के विधानसभा क्षेत्र में पिछड़े

जिलेमें प्रधान और उपप्रधान के चुनावों में सत्ताधारी भाजपा के सांसद विधायकों में से केवल रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल भाजपा के जिलाध्यक्ष अमीचंद जैन अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रधान और उपप्रधान बनाने में असफल हुए हैं। जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने बहुमत के साथ जीत दर्ज की है।

बागियों से नहीं हो पाया संपर्क

^हमारीओर से पंचायत चुनावों में जीत को लेकर काफी प्रयास किए गए हैं और हम बहुत कम वोटों से ही पीछे रहे हैं। प्रधान और उपप्रधान के चुनावों को लेकर विपक्ष की लॉबिंग हमसे बेहतर होने के अलावा बागियों के गलत प्रचार के कारण भी हमें इसका सकारात्मक नतीजा नहीं मिल पाया है। वहीं बागियों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण कांग्रेस रानीवाड़ा में प्रधान और उपप्रधान बनाने में कामयाब रही है। -अमीचंदजैन, भाजपा जिलाध्यक्ष, रानीवाड़ा

जनादेश हमें स्वीकार है

^रानीवाड़ापंचायत समिति में जीत को लेकर हमारी ओर से पूरे प्रयास किए गए हैं, लेकिन समिति क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत काफी कम रहा है। सरपंच चुनावों के मुकाबले पंचायत समिति सदस्यों के लिए हुए मतदान का प्रतिशत काफी कम रहने के कारण हमें ज्यादा सीटें नहीं मिल पाई। वैसे हार का कोई विशेष अंतर नहीं रहा है। कुछ सीटों पर गिनती के वोटों से हमारे उम्मीदवार पीछे रहे हैं। जनता का जनादेश हमें स्वीकार है। -नारायणसिंहदेवल, रानीवाड़ा विधायक