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सांचौर में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगने से बढ़ेगा फल-सब्जियों का उत्पादन
नर्मदानहर परियोजना का पानी आने के बाद सांचौर सहित पूरे नेहड़ क्षेत्र में बूंद-बूंद खेती को बढ़ावा मिलने के साथ इस क्षेत्र में अनाज के अलावा फलों की भी बंपर पैदावार हो रही है। किसान खेती में नए नए प्रयोग करने के साथ बूंद-बूंद सिंचाई बागवानी खेती अपनाकर बारह महीनों अनाज फल सब्जियों की उपज ले रहे हैं। क्षेत्र में जीरा, ईसबगोल, रायड़ा, सरसों, अजवायन, मैथी, धनिया, सौंफ, ग्वार, मूंग तिल की अच्छी खासी पैदावार हो रही है। वहीं बूंद-बूंद सिंचाई के तहत अनार, पपीता, चीकू, तरबूज, खरबूज तथा कुछ जगहों पर नारियल के पेड़ भी पनप रहे हैं। इसके अलावा सब्जियों में ककड़ी, खीरा, गोभी, प्याज, आलू तथा टमाटर की भी अच्छी उपज है। इससे इस क्षेत्र में अब एग्रो फूड पार्क के साथ फूड प्रोसेसिंग प्लांट की महती आवश्यकता महसूस की जा रही है।
किसानोंको मिलेगा सीधा फायदा : क्षेत्रमें प्लांट लगने से किसानों को मेहनत का पूरा दाम मिलेगा। मौजूदा समय में किसान अनाज फल पड़ोसी राज्य गुजरात में जाकर औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर है।
जबकि क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगने से जहां किसानों का फलीय उत्पादन खराब नहीं होगा वहीं उत्पाद का सही दाम भी मिलेगा।
इन गांवों में अच्छी पैदावार : क्षेत्रके सीलू, भड़वल, कोड़, लालपुर, जैसला, सरवाना, पालड़ी, आमली, हाड़ेचा, रतनपुरा, गोमी, चितलवाना, होथी गांव, रतौड़ा, डेडवा, मिठीबेरी, परावा, सिवाड़ा, तेतरोल, रणोदर, केडिया , हालीवाव, विरावा, सेसावा, सुंटागोई, दूठवा, चिमड़ावास, ईशरोल, काछेला, बिछावाड़ी, वांक, दांतिया, गोलासन, प्रतापुरा, डबाल, बावरला, डावल सहित कई गांवों में नर्मदा के पानी से अच्छी पैदावार हो रही हैं।
सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं
हालही में 28 अक्टूबर को मिनिस्टरी ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिहाज से देशभर में इस इंडस्ट्रीज को चालू करने के लिहाज से कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके तहत केंद्र सरकार ने 200 करोड़ तक का नाबार्ड को बजट जारी किया है जो एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए दिया जाएगा। वहीं सरकार ने इसके लिए स्पेशल पैकेज की घोषणा भी की है। जिसके तहत सरकार मशीनरी परचेज में एक्साइज डयूटी में दस से छह प्रतिशत तक की छूट देने की घोषणा शामिल है।
फूड प्रोसेसिंग प्लांट
नर्मदाकमांड एरिया में किसानों ने अपने खेतों में बड़े स्तर पर अनार लगाए हुए हैं जिससे फूड प्रोसेस प्लांट लगने के बाद क्षेत्र में ज्यूस इंडस्ट्रीज के अलावा आयुर्वेद दवाई तथा चूर्ण चटनी की इंडस्ट्रीज खुलने की संभावना बनेगी। इसी तरह तरबूज खरबूजे के साथ टमाटर से सॉस, जैम तथा केचअप बनाने के उद्योग भी लग सकते हैं।
सरकार सब्सिडी बढ़ाएं
^नर्मदानहर आने के बाद क्षेत्र में कृषि उत्पादन के साथ फल सब्जियों का भी अच्छा उत्पादन हो रहा है। वहीं किसानों को पूर्ववर्ती सरकार के समय फव्वारा पद्धति सौर ऊर्जा में मिलने वाली सब्सिडी को वर्तमान सरकार ने घटा दिया। इससे किसानों का मनोबल टूटा है। सरकार को यहां एग्रो पार्क लगाने के साथ फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगा कर क्षेत्र के विकास को प्रमुखता देनी चाहिए। -सुखराम विश्नोई, विधायक सांचौर
कृषि अनुसंधान केन्द्र जरूरी
उपखंडमुख्यालय सहित क्षेत्र के आसपास कृषि अनुसंधान केन्द्र नहीं होने से किसानों को खेती किसानी की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से वंचित रहना पड़ता है। हालांकि जालोर से 10 किलोमीटर दूर केशवना में कृषि अनुसंधान केंद्र है। मगर सांचौर तथा नेहड़ बेल्ट की दूरी ज्यादा होने से किसान यहां तक पहुंच नहीं पाते। क्षेत्र में सहायक कृषि अनुसंधान केन्द्र खुलने से इस क्षेत्र के अलावा बाड़मेर तथा जैसलमेर जिले की सीमा पर बसे गांवों के किसान भी फायदा उठा सकेंगे।