‘रिफाइनरी में उद्योगपतियों को ही फायदा पहुंचाना चाह रही भाजपा’
राजस्थान रिफाइनरी बचाओ अभियान समिति के तत्वावधान में शनिवार को जिला कांग्रेस की ओर से कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर पचपदरा में रिफाइनरी लगाने में जानबूझकर देरी करने का बीजेपी सरकार पर आरोप लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एडीएम आशाराम डूडी को ज्ञापन दिया। राजस्थान रिफाइनरी बचाओ अभियान समिति के संयोजक पुखराज पाराशर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अशोक गहलोत ने बालोतरा के पचपदरा में रिफाइनरी लगाने की घोषणा की और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथों उद्घाटन करवाकर कार्य शुरू किया था, मगर सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी सरकार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कार्य को रुकवा दिया। सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए राजस्थान के साथ धोखा कर रही है, मगर इस धोखे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार ने रिफाइनरी पर जल्द फैसला नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जालोर के पूर्व विधायक रामलाल ने वसुंधरा राजे की सरकार को तानाशाह करार देते हुए कहा कि राजस्थान की रिफाइनरी के कार्य को शुरू करने में वसुंधरा सरकार जानबूझ कर देरी कर रही है, मगर सरकार ने कार्य जल्द शुरू नहीं किया तो कांग्रेस प्रदेश स्तर पर सड़कों पर उतर कर विरोध जताएगी। जालोर की पूर्व जिला प्रमुख मंजू मेघवाल ने कहा कि सरकार के ढीले रवैये के कारण रिफाइनरी का कार्य अटका हुआ है। रानीवाड़ा प्रधान रमीला मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पचपदरा में रिफाइनरी लगाने का सपना था, जिसको साकार करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। बीजेपी सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट में रुकावट नहीं डालती तो आज हजारों युवाओं को रोजगार मिल जाता, मगर वसुंधरा सरकार के हठधर्मिता के कारण इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में देरी की जा रही है।
सांचौर के पूर्व प्रधान शमशेरअली सैय्यद ने कहा कि वर्तमान सरकार कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलने में लगी हुई है। नाम बदलने के अलावा इस सरकार ने कोई कार्य नहीं किया है। भवातड़ा में सूखा बंदरगाह बनाने की चर्चा चल रही है मगर सरकार कोई फैसला नहीं कर रही है। सरकार इस प्रोजेक्ट को भी शुरू करती है तो भी राजस्थान को बहुत फायदा होगा। इस धरने को जालोर ब्लॉक अध्यक्ष जवानाराम परिहार, परसराम ढाका, गोपालसिंह राजपुरोहित, भींयाराम चौधरी, खुशालसिंह, भारमल कोटड़ा पुखराज विश्नोई ने भी संबोधित किया। इस दौरान राजेंद्र सोलंकी, सुरेंद्र राजपुरोहित, मांगीलाल भील, छात्रासंघ अध्यक्ष सुष्मिता गर्ग, जोगाराम सरगरा, गणेश देवासी, जुबेदा बानू, नगर परिषद प्रतिपक्ष नेता मिश्रीमल गहलोत एडवोकेट रमेश सोलंकी मौजूद थे।
जनता को भ्रमित करने वाली सरकार है यह
कांग्रेसकी ओर से रिफाइनरी के लिए एक दिवसीय सांकेतिक धरने के दौरान वक्ताओं ने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार ने लोगों को भ्रमित करके एक बार सत्ता पाने में सफल हो गई है, मगर अब इस सरकार की पोल दुनिया के सामने खुल चुकी है। अब अगर चुनाव आते है तो बीजेपी सरकार का राजस्थान से सूपड़ा साफ हो जाएगा।
राजस्थान की रिफाइनरी पर क्यूं चुप है मोदी
ओडिशाके पाराद्वीप में कुछ दिन पहले मोदी ने रिफाइनरी का उद्घाटन करते समय कहा था कि कांग्रेस सरकार के कारण पाराद्वीप रिफाइनरी में देरी हुई है। इस देरी का खामियाजा ओडिशा के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है जिस पर कांग्रेस नेताओं तंज कसते हुए कहा कि ओडिशा में कांग्रेस के कारण रिफाइनरी में हुई देरी की प्रधानमंत्री को चिंता है मगर राजस्थान की रिफाइनरी में बीजेपी सरकार देरी कर रही है जिसकी फ्रीक नहीं है। कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन के टेंट में भी जगह जगह तख्तियां लगी हुई थी जिस पर लिखा था कि ओडिशा के युवा के लिए रिफाइनरी विकास दीप है तो राजस्थान के विकास दीप को क्यों बुझा रहे हो।
जालोर. रिफाइनरी बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव।
जालोर. रिफाइनरी बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी एडीएम को ज्ञापन सौंपने जाते हुए। फोटो|भास्कर