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पीडि़त महिला की सुनी गुहार, अधिकारियों ने नामाकंन में किया सुधार
पंचायतमुख्यालय पर चल रहे भामाशाह नामाकंन शिविर में बुधवार को पटवारी की ओर से कच्चे घर की जगह मकान लिखने के मामले में सांचौर उपखंड अधिकारी आलोक कुमार सैनी के आदेश पर विकास अधिकारी फुलाराम खोटे ने जांच कर गुरुवार को पीडि़त महिला के नामाकंन में सुधार किया। गौरतलब है कि बुधवार को पटवारी ने भामाशाह नामाकंन शिविर में बीपीएल चयनित महिला नेनुदेवी के आवेदन फार्म में कच्चे झोपड़ी की जगह मकान लिख दिया था। उसके बाद में महिला उसका बेटा शिविर प्रभारियों से मिले ओर संशोधन की गुहार लगाई लेकिन अधिकारियों ने सुनवाई नहीं तो पीडि़त महिला गलत फार्म पर भामाशाह नामाकंन करवा घर चली गई। पटवारी की इस मनमानी को भास्कर ने गुरुवार के अंक में नहीं सुनी मां बेटे की फरियाद शीर्षक से खबर प्रकाशित कर उजागर किया। इसके बाद में शिविर प्रभारियों ने पीडि़त महिला के आवेदन में सुधार कर दोपहर को महिला के बेटे सुनील को सहीं नामाकंन की पर्ची दी।
भास्करने ही दिलाया न्याय
गुरुवारको नेनुदेवी उसके परिवार ने भामाशाह नामाकंन में संशोधन की पर्ची मिलने के बाद दैनिक भास्कर का आभार जताया। महिला ने बताया कि भास्कर ने इस मुद्दे को नहीं उठाया होता तो शायद प्रशासनिक अधिकारी सुधार नहीं करते।
18 सितंबर को प्रकाशित समाचार।