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बैठक में सदस्यों ने फाड़े प्रस्ताव, कमेटियों के गठन नहीं करने पर जताया विरोध

5 वर्ष पहले
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बजटको लेकर शुक्रवार को नगरपालिका सभा भवन में विधायक सुखराम विश्नोई के मुख्य आतिथ्य पालिका अध्यक्ष इंद्रा खोरवाल की अध्यक्षता में आम बजट की बैठक आयोजित हुई। बैठक शुरु होने के साथ ही सभापति की ओर से कमेटियां गठित करने को लेकर बैठक नहीं बुलाने पर प्रतिपक्ष नेता सहित पांच कांग्रेसी पार्षद सभा भवन के व्हेल में बैठ विरोध जताना शुरु कर दिया। पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि गत बैठक में सांसद की मौजूदगी में विभिन्न कमेटियां गठित करने को कहा था, जिसपर आज दिन तक कार्रवाई नहीं हुई। गुस्साए सदस्यों ने बजट बैठक का बहिष्कार करने के साथ बजट प्रस्ताव को फाड़कर विरोध जताने लगे। इसके लिए भाजपा पार्षद भी प्रतिपक्ष दल के साथ मिलकर विरोध जताने लगे। हंगामा बढ़ता देख विधायक ने सदस्यों को शांत करते हुए पालिका अध्यक्ष इंद्रा खोरवाल उपाध्यक्ष दिलीप राठी से विकास कमेटी का गठन नहीं करने का कारण पूछते हुए जल्द ही अगली बैठक बुला कमेटा का गठन करने की बात कही। जिसपर सदस्य शांत हुए और बैठक की कार्रवाई आगे बढ़ी।

जिसपर अगली बैठक की तारीख तय करने को लेकर कांग्रेस के पार्षद फिर से हंगामा करने के साथ अध्यक्ष को 29 अप्रेल तक बैठक बुला विकास की कमेटी का गठन कर राज्य सरकार को भेजने की मांग की। इसपर पालिका अध्यक्ष ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए बैठक बुलाने की बात कही तब कहीं जाकर पार्षद शांत हुए और फिर से कार्रवाई शुरु की। पार्षद योगेश जोशी ने कहा कि नगरपालिका में पार्षदों के लिए अपने वार्ड की सुनवाई के लिए पालिका में ही वार्ड कक्ष लगाने की मांग की तो इस मुद्दे पर सभी ने सहमति जताई। जिसमें पार्षद अर्जुन देवासी, हरीश त्रिवेदी, कविता कुमारी, रिचा कुमारी, सोहिल खान, नानजीराम, दीपिका जीनगर पार्षदों ने जोशी की मांग का समर्थन किया।

सांचौर. नगरपालिका सभा भवन में आयोजित बैठक के दौरान धरने पर बैठे प्रतिपक्ष नेता कांग्रेसी पार्षद।

कमेटी गठन की मांग पर पक्ष प्रतिपक्ष एक सुर में नजर आए

बैठकके दौरान कमेटियों के गठन की मांग को लेकर प्रतिपक्ष नेता के साथ अन्य पार्षद भी विरोध जता धरने पर बैठ गए। जिसमें प्रतिपक्ष नेता बीरबल पूनिया, रजिया बानू, विमला विश्नोई, सोनाराम मेघवाल, दिव्या सेठिया, जितेंद्र कुमार राणा धरने पर बैठे। वहीं भाजपा पार्षद भी कमेटियों के गठन पर प्रतिपक्ष नेता का साथ देते नजर आए।

दियाआय व्यय का ब्यौरा

बजटमें नगरीय कर, चुंगी क्षतिपूर्ति, पालिका संपत्ति से किराया, शुल्क एवं भू उपभोक्ता प्रभार, विक्रय एवं किराया प्रभार, राजस्व सहायता, अनुदान सहित ब्याज के रुप में होने वाली आय 1542.60 लाख रुपए दर्शाई गई। वहीं पूंजीगत प्राप्तियों के पेटे 2293 रुपए तथा ओपनिंग बैलेंस के रुप में 743.09 लाख का अनुमानित बजट बताया। इस तरह कुल मिलाकर 4569.69 लाख रुपए की राशि का बजट पारित किया।

भाजपा पार्षद ने कहा हमारा पालिका बोर्ड फैल है

बजटबैठक के दौरान विधायक ने कहा कि पालिका आम सहमति से बजट पेश करें तथा कमेटियों का गठन जल्द करें जिससे शहर में विकास कार्य हो सके। विधायक ने कहा भले ही कमेटियों के सभी सदस्य भाजपा के हो मगर शहर का विकास होने के लिए इनका गठन जरुरी हैं। जिसपर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप राठी ने कहा कि कांग्रेस के पार्षद एवं प्रतिपक्ष नेता बैठक को नहीं चलने दे रहे वो बोर्ड को फैल करने में लगे हैं। तभी भाजपा पार्षद चंपालाल खत्री ने कहा कि भाजपा का बोर्ड बने छह महीने बीत चुके हैं, मगर विकास कार्य नहीं होने से पूरी तरह फैल ही हैं। शहर में तो सफाई हो रही ना ही किसी तरह का विकास कार्य हुआ है। इसके बाद तो भाजपा के कई पार्षद एक एक करके बोर्ड की विफलताएं गिनाने लगे। जिसमें पार्षद नारायणसिंह राव ने कहा कि वार्ड में विकास तो दूर 6 माह से हमारे वार्ड में सफाई तक नहीं हुई हैं। वहीं पार्षद भागीरथ व्यास ने कहा मेरे वार्ड में विकास को लेकर एक भी कार्य नहीं हुआ। पार्षद गीता ने कहा पालिका अध्यक्ष उनके चहेते सार्वजनिक शौचालय पर ही अतिक्रमण कर रहे हैं।

प्रतिपक्ष नेता ने पालिकाध्यक्ष को रबर की मोहर बताया

बजटबैठक के दौरान प्रतिपक्ष नेता बीरबल पूनिया ने पालिकाध्यक्ष इंद्रा खोरवाल को रबर की मोहर की संज्ञा देते हुए कहा कि पालिका के बाबू की ओर से बनाए बजट में किसी भी पार्षद प्रतिपक्ष नेता से राय तक लेना उचित नहीं समझा। इसके बाद जब पालिका कर्मचारी इकबाल कुरैशी बजट पेश करते हुए बोलने लगे तो प्रतिपक्ष नेता ने नीचे बैठने का कहते हुए कहा कि आप किस आधार पर बजट पेश कर रहे हो। अगर कमेटी गठित होती है, तो वित्त आयोग का कर्मचारी पेश करता है या फिर अधिशाषी अधिकारी पेश करेगा। जिसपर कर्मचारी नीचे बैठ कर अधिशाषी अधिकारी को बजट पकड़ा दिया और ईओ ने बजट पेश किया। बजट के दौरान प्रतिपक्ष नेता ने पालिका अध्यक्ष को कहा कि आपको पता ही नहीं है कि बजट कैसे पेश किया जाता है। इस दरम्यान पालिका उपाध्यक्ष ने अध्यक्ष का बचाव करते हुए कहा कि हमारी सहमति से ही बजट बनाया गया हैं। इसपर प्रतिपक्ष नेता ने कहा कि आपकी सहमति से अगर बजट बनाया है तो बताओ किस मद में कितनी राशि खर्च होनी है और कैसे खर्च होगी, जिसका पालिका उपाध्यक्ष जवाब तक नहीं दे पाए।

45करोड़ का बनाया बजट प्रस्ताव

बैठकमें पालिका अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार जीनगर की ओर से पेश बजट में 45 करोड़ 69 लाख 69 हजार रुपए का बजट पारित किया।

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