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भंडार खुलने के साथ तनातनी, मेला शुरू

7 वर्ष पहले
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पुजारी परिवार के भंडार में उतरने को लेकर एतराज

भास्करन्यूज | सांवलियाजी.

सुविख्यातकृष्णधाम सांवलियाजी का मासिक भंडार मंगलवार को खोला गया, जिसकी गणना देर रात तक जारी थी। रात नौ बजे तक सवा करोड़ रुपए की भेंट प्राप्त हुई। इधर, नोट आदि निकालने के लिए पुजारी परिवार के लोगों के भंडार में उतरने को लेकर प्रशासन पुजारियों में एक बार फिर तकरार हुई।

मासिक मेले के पहले दिन राजभोग आरती के बाद मंदिर मंडल प्रबंधक तहसीलदार रमेशचंद बहेड़िया की उपस्थिति में जयकारों के बीच भंडार खोला गया। कड़ी सुरक्षा में मंदिर मंडल सदस्य मनोहर सोनी, भंवरदास शोभालाल धनगर तथा प्रशासनिक अधिकारी भगवानलाल चतुर्वेदी, एईएन दिनेश व्यास की उपस्थिति में गणना की गई। देर रात तक जारी गणना में रात करीब नौ बजे तक दो करोड़ 30 लाख रुपए नकद भंडार से प्राप्त हुए। वहीं सोना 78 ग्राम 800 मिलीग्राम तथा चांदी 1700 ग्राम भंडार से प्राप्त हुई। इसी तरह, भेंटकक्ष कार्यालय से मनीऑर्डर नगद भेंट में आठ लाख 24 हजार 308 रुपए तथा चांदी दो किलो 798 ग्राम प्राप्त हुई। छोटे नोट ज्यादा होने से उनकी गिनती रात तक चली। गौरतलब है कि गत वर्ष इसी महीने में एक करोड़ 96 लाख 78 हजार 24 रुपए भंडार से निकले।

प्रतिमाह खोले जाने वाले भंडार से नकदी सहित अन्य भेंट बाहर निकालने के लिए पुजारी परिवार के लोग नोटों से भरे भंडार में उतर जाते हैं। इस कारण लक्ष्मी स्वरूप नोट आभूषण पैरों तले आने के कारण इस व्यवस्था को गलत मानते हुए कुछ माह से मंदिर प्रबंधक तहसीलदार रमेश बहेड़िया द्वारा भंडार के बाहर खड़े रहकर ही भेंट बाहर निकालने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर, पुजारी इसे परंपरा का हवाला देकर अड़े हुए हैं। मंगलवार को भी भंडार खुलते ही बहेड़िया ने पुजारियों को भंडार में उतरने से मना किया। जिस पर काफी देर तनातनी हुई। प्रबंधक बहेड़िया ने बताया कि भंडार गहरा होने के कारण बाहर स्टूल लगाकर आधा भंडार खाली किया गया। उसके बाद जगह खाली करवाकर एक पुजारी को अंदर उतारा गया। भविष्य में बाहर खड़े रहकर ही पूरा भंडार खाली करने का उपाय किया जाएगा।

आकर्षण का केंद्र रहा श्रृंगार

ओसरापुजारी गोपालदास ने सांवलियाजी को गंगाजल से स्नान करवा नए वस्त्राभूषण धारण करवा विशेष श्रंगार कराया। आकर्षक वागा मुकुट धारण कराने के साथ ही नए ढंग से पिछवाई लगाई गई। भाल पर केसर चंदन का तिल