रास्ते पर निर्माण से गर्माया माहौल
सांवलियाजीमंदिर मंडल द्वारा अवाप्त भूमि के रास्ते में भूखंड की रजिस्ट्री के आधार पर बीच रास्ते पर निर्माण शुरू होने पर पंचायत ने निर्माण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर तहसील प्रशासन द्वारा भूखंड की नपती करवाई गई, जिसमें निर्माण अवैध निकला।
कस्बे के कबूतरखाने से स्टाॅफ काॅलोनी मार्ग पर मंदिर मंडल ने विस्थापितों के लिए आवासीय कॉलोनी बना रखी, जिसमें सार्वजनिक शौचालय के आगे आवागमन का एकमात्र रास्ता है। गत दिनों कस्बे के पारसमल जैन ने इस रास्ते के निकट का भूखंड खरीदकर उस पर निर्माण शुरू कर दिया। इसमें विस्थापित काॅलोनी में आवागमन के आठ फीट चौड़े रास्ते पर भी निर्माण करते हुए रास्ता बंद कर दिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर मंदिर प्रशासन ने निर्माणकर्ता को अवैध निर्माण हटाने को कहा तथा उच्चाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी। जिस पर मंदिर मंडल की कार्यवाहक सीईओ एडीएम रौनक बैरागी ने पंचायत मंडफिया को विवादित भूमि का पट्टा मंदिर मंडल को उपलब्ध कराने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इधर, निर्माणकर्ता ने मंदिर प्रशासन के विरोध एवं पंचायत द्वारा निर्माण बंद करने के नोटिस के बावजूद निर्माण जारी रखते हुए रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया।
इस पर रविवार को मौके पर पहुंचे मंदिर मंडल के दस्ते ने जेसीबी की सहायता से रास्ते में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस पर निर्माणकर्ता जैन अन्य मंदिर मंडल कार्यालय पहुंचे और विरोध जताया। सूचना मिलने पर सरपंच कन्हैयादास वैष्णव, मंदिर प्रबंधक तहसीलदार रमेश बहेड़िया, नायब तहसीलदार ध्यानचंद दलाल, कार्यवाहक बीडीओ जयप्रकाश श्रीमाली, सचिव महेन्द्र जैन समेत भादसाेड़ा थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। कस्बावासी भी एकत्रित हो गए। तहसीलदार ने मौके पर जमीन का नाप-जोख करवाया। पंचायत में भी इस भूखंड के पट्टे का रिकार्ड देखा गया। रिकार्ड नाप-जोख में इस भूखंड के निकट मंदिर मंडल द्वारा अवाप्त भूमि में आने-जाने का करीब आठ फीट रास्ता अंकित था।
सांवलियाजी| अवैधिनर्माण को हटाने के दौरान मंदिर मंडल के अिधकारी।
पट्टे रजिस्ट्री में अलग-अलग साइज से विवाद
बतायागया कि करीब 1150 वर्ग फीट का यह भूखंड वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत द्वारा हीरालाल बंसल को आबंटित कर पट्टा जारी किया गया था। यह भूखंड दो बार बेचा गया। गत दिनों आदम अली बोहरा ने इस भूखंड की रजिस्ट्री पारसम