छाने लगा बासंती रंग
सांवलियाजी. बसंतपंचमी के आगमन के साथ ही प्रकृति में बदलाव आने लगा है। क्षेत्र में आम के पेड़ मंजरियों से लकदक हो रहे है। जो लोगों के मन को लुभा रहे है वहीं बासंती बयार भी चलने लगी है। लोगों में ऐसी भी मान्यता है कि आम के पेड़ों पर भरपूर मेंजरिया आने पर आने वाला साल बरसात फसल आदि की दृष्टि से अच्छा रहता है।