तालाब में पहुंच रहा नाले का पानी
कस्बेकी गंदगी तालाब डाले जाने से उसका पानी प्रदूषित हो रहा है। पितरों के तर्पण के लिए यहां कोई अन्य स्थान नहीं है। ऐसे में इस गंदगी के बीच ही लोग पितरों को तर्पण के लिए विवश है।
पंचायत समिति सदस्य अशोक त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण कस्बे में आस्था का केन्द्र गांधी घाट अपना अस्तित्व खोता जा रहा हैं। इस घाट पर कस्बे की गंदगी युक्त नाले बह रहे है। जिनमें कस्बे के लोग अपने पितरों को तर्पण करने को मजबूर हैं। त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व में कस्बे से गंदे पानी की निकासी के लिए नाला बना था। यह नाला पहले वाटर वर्कर्स के समीप पतकोई तालाब में जाता था। लेकिन नाले के निकास के लिए बनी पुलिया दो माह पूर्व टूट गई और यह अवरूद्ध हो गया। ऐसे में सारा गंदा पानी तालाब में बहने लगा। इससे चैकूटे तालाब पर बना कुआं एवं तालाब दोनों ही प्रदूषित हो गए। इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत सरपंच रामरूप मीणा को कस्बा वासियों ने शिकायत भी दी, लेकिन अभी तक ग्राम पंचायत ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
चैकूटा कुआं पार्वती बांध पेयजल परियोजना के शुरू होते ही बदहाली के दौर से गुजरने लगा है। योजना के शुरू होने से पूर्व जलदाय विभाग इसी कुएं के माध्यम से कस्बे में पेयजल आपूर्ति करता रहा है। जहां पर जलदाय विभाग द्वारा लगाया गया पानी साफ करने का फिल्टर आज भी है।
सरमथुरा. कस्बे के तालाब में जाता गंदे नाले का पानी।