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अधिकृत नहीं, फिर भी ई-मित्र संचालक चालान पर फर्जी मोहर लगा ऐंठ रहे हैं पैसे
भास्कर न्यूज | सवाई माधोपुर
परीक्षाफॉर्म के चालान पर मोहर लगाने की एवज में कम्प्यूटर सेंटर संचालकों द्वारा मनमाना शुल्क वसूले जाने से इन दिनों कॉलेज विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिना मोहर लगे चालान वाले फॉर्म को कॉलेज प्रशासन द्वारा जमा नहीं किए जाने से विद्यार्थी कम्प्यूटर सेंटर संचालकों के हाथों लुटने को मजबूर है।
जानकारी के अनुसार कोटा विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन परीक्षा आवेदन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं बताया कि संबंधित विद्यार्थी को ऑनलाइन फॉर्म भरकर मित्र केंद्र से चालान कटवाने के बाद सभी दस्तावेज कॉलेज में जमा कराने होते है। लेकिन स्थानीय कॉलेज प्रशासन द्वारा चालान पर मोहर लगवाने की बात कहकर फॉर्म जमा नहीं किए जा रहे है। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
कॉलेज प्रशासन द्वारा चालान पर मोहर लगवाने की अनिवार्यता किए जाने के बाद कुछ कम्प्यूटर सेंटर संचालकों ने मोहर बनवा ली। कम्प्यूटर सेंटर संचालक छात्र-छात्राओं की मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से मित्र केंद्र की चालान रसीद पर मोहर लगाकर उनसे मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं।
एक मामला सामने आया है
^नियमानुसारईमित्र केंद्र संचालक किसी भी रसीद या दस्तावेज पर ई-मित्र की मोहर लगाने के लिए अधिकृत नहीं है। मित्र पर दी जाने वाली रसीद पर जिला मित्र सोसायटी का मोनोग्राम होता है। इसलिए रसीद पर किसी भी प्रकार की मोहर लगाने की आवश्यकता नहीं होती है। एक कम्प्यूटर सेंटर संचालक द्वारा फर्जी तरीके से मित्र की रसीद पर फर्जी मोहर लगाने का मामला सामने आया है। घनश्यामजिंदल, जिलासमन्वयक सीएमएस कम्प्यूटर लिमिटेड
मोहरकी बाध्यता का पता नहीं
^इससंबंध में मैंने रविवार को स्टाफ से चालान पर मोहर लगवाने के लिए छात्रों को परेशान नहीं करने के संबंध में निर्देश दिए थे। यदि दुबारा कोई मोहर लगवाने के लिए छात्रों को बाध्य कर रहा हो तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी करके बताता हूं। मनीराम,प्राचार्य,राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
सवाई माधोपुर. ई-मित्रद्वारा जारी की गई रसीद पर कम्प्यूटर सेंटर संचालक द्वारा लगाई गई मोहर।