अतिक्रमण से 30 फुट रोड रह गई 10 फुट
मीणाकाॅलोनी में लोगों द्वारा सड़कों पर निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहा है। 30 फुट के रोड 13 फुट का रह गया है। लोगों की शिकायत पर नगर परिषद ने जांच की और माना वहां सड़कों पर निर्माण किया जा रहा है। मामला न्यायालय में पहुंचा और न्यायालय ने माना अतिक्रमण हो रहा है, जिसे हटाया जाना चाहिए। दूसरी तरफ अतिक्रमियों ने शिकायत करने वालों को फंसाने के लिए ऐसा जाल बनाया कि उनका घर पर रहना ही मुश्किल हो गया है।
मीणा कॉलोनी में सभी स्थानों पर तीस फुट की रोड है। इन में से डिफेंस स्कूल के पास का विवाद इन दिनों सुर्खियों में है। यहां पर लोगों ने अपने प्लॉट की 50 फुट की हद से पांच फुट आगे सड़क पर मकान बना कर आगे सात फुट का रैंप बना लिया। इसी प्रकार सामने वाले ने भी अतिक्रमण कर लिया। अब हालत यह है कि वहां 30 फुट का रोड मात्र 10 फुट भी नहीं बचा है।
जांचमें पाया अतिक्रमण
अतिक्रमणकी शिकायत पर नगर परिषद ने जांच करवाई और उस में 12 फुट से 21 फुट तक सड़क पर अतिक्रमण होना पाया गया। इसके बाद कोर्ट ने शिकायत पर मौका कमिश्नर भेज कर जांच करवाई और अतिक्रमण होना पाया गया। इसके बाद दोबारा नगर परिषद ने जांच करवाई और खुद माना की वहां अतिक्रमण है और आगे भी लोग अतिक्रमण कर रहे हैं।
न्यायालय एवं नगर परिषद कॉलोनी में अतिक्रमण मान कर उसे तोड़ने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन तोड़ने के नाम पर सब चुप है। आखिर नगर परिषद गलत काम को रोकने में क्यों घबरा रही है। यह समझ से परे है। पूछने पर जवाब मिलता है पुलिस की मदद मिलते ही कार्रवाई की जाएगी, लेकिन नगर परिषद कार्रवाई के लिए पुलिस फोर्स मांग ही नहीं रही है। तो फिर फोर्स अपने आप कहां और कैसे मिलेगी।
जनहित से जुडे़ इस मामले को कॉलोनी के ही कुछ लोगों ने उठाया। उन में से कुछ लोगों को अतिक्रमण करने वाले लोगों ने टारगेट बना कर उनके खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज करवा दिए। कभी मारपीट का तो कभी महिलाओं को धमकाने तो कभी माहौल खराब करने की आए दिन रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है।
नगर परिषद निरीक्षक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह निर्माण का मामला है। मेरी जानकारी में भी यह बात आई है। इस बारे में मुझे जब तक आयुक्त द्वारा पुलिस फोर्स के साथ आदेश नहीं दिया जाता है मैं कदम नहीं उठा सकता हूं।
नगर परिषद सभापति कमलेश जैलिया ने बताया कि वहां अतिक्रमण किए गए हैं। इस बारे में तुरंत