पशु चिकित्सा सुविधा का अभाव
ग्रामपंचायत मुख्यालय लोरवाड़ा, जटवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में सैकड़ों पशुपालक होने के बाद भी पशुओं के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पशुपालकों को पशुओं की बीमारी की दशा में इलाज के सवाई माधोपुर या भगवतगढ़ लेकर भागने की विवशता रहती है। जिससे केवल पशुपालकों को शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा उठानी पड़ती है साथ ही अनावश्यक आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। इस संबंध में पंचायत सरपंच डालचंद सैनी सहित ग्रामीणों ने पशु पालन विभाग के निदेशक एवं पशुपालन मंत्री को पत्र भेजकर गांव में पशु चिकित्सालय खोले जाने की मांग की है।
उन्होंने पशु पालन विभाग के निदेशक को पत्र में बताया कि जटवाड़ा लोरवाड़ा दोनों पंचायत मुख्यालय है, तथा आसपास बनोटा, सुरंग, ढूंढा, दौबड़ा, अजनोटी सहित अन्य कई गांव है। जहां के लोग पशु चिकित्सा के लिए परेशान होते है। उन्होंने जटवाड़ा कलां में पशु चिकित्सा के लिए उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलकर ग्रामीणों पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस बारे में उन्होंने बताया कि कई बार जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया है, लेकिन ध्यान नहीं दिए जाने से आज तक लोगों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
यहांपशु कंपाउंडर नहीं
भगवतगढ़के पशु चिकित्सालय पर कंपाउंडर नहीं होने से चिकित्सक को ही पशु चिकित्सा से संबंधित सारे कार्य करने पड़ते है। गांव के बीआर बागड़ा ने बताया कि पशु चिकित्सक के अवकाश पर चले जाने की स्थिति में लोगों को पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। उन्होंने पशु कंपाउंडर लगाने तथा कस्बे के पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग की है।
समयपर नहीं आते डॉक्टर
शिवाड़| ग्रामपंचायत टापुर में स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत चिकित्साकर्मी समय पर नहीं आने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया की उपस्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्साकर्मी समय पर नहीं आते हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को मजबूरन शिवाड़ कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र पर जाना पड़ता है। साधनों के अभाव में मरीजों को ले जाने में काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से कर्मचारियों को समय पर उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए पाबंद करने की मांग की है।