पांच हजार बालिकाओं को साइकिल का इंतजार
नगर संवाददाता | सवाई माधोपुर
माध्यमिकशिक्षा विभाग की ओर से इस वर्ष सरकारी योजना के अनुसार सरकारी स्कूलों में नवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली 5107 बालिकाओं को साइकिल प्रदान की जाएगी। बालिकाओं की रिपोर्ट शिक्षा विभाग के निदेशक को भेज दी गई है। संबंधित कर्मचारी तरुण ने बताया कि 274 सीनियर सेकंडरी स्कूलों से नवीं कक्षा में इस वर्ष प्रवेश लेने वाली बालिकाओं की विवरण रिपोर्ट आई थी।
कर्मचारी तरुण ने बताया कि पूर्व में बालिकाओं के लिए साइकिलों के वितरण के लिए नियम निर्धारित थे, लेकिन इस बार से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में नवीं में प्रवेश लेने वाली सभी बालिकाओं को साइकिलें सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
दूसरी ओर कुस्तला क्षेत्र की कई बालिकाओं का कहना है कि स्कूलों में जुलाई में ही प्रवेश प्रक्रिया हो जाती है। प्रवेश लेने के बाद भी कई महीनों तक साइकिलें नहीं मिल पाती। ऐसे में कई बालिकाओं को हाई वे पर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे कई बालिकाएं अक्सर स्कूल में विलंब से पहुंचती है।
हाई वे पर करीबन आठ बजे तक साधन नहीं मिलने से बालिकाएं स्कूल में विलंब से पहुंचती है, जिससे उनकी पढ़ाई भी छूटती है और समय भी खराब होता है।
बालिकाओं का कहना है कि यदि सरकार साइकिलों का वितरण प्रवेश प्रक्रिया से पूर्व या इसके दौरान ही उपलब्ध करवा दें तो उन्हें स्कूल पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने बताया कि हमारे यहां से जिले की 274 स्कूलों से 5107 बालिकाओं की रिपोर्ट साइकिल के लिए सरकार को भेज दी गई है। बालिकाओं को साइकिलें कब मिलेगी, इस बारे में कहा नहीं जा सकता।
पढ़ाना, सेलू, जड़ावता, कुस्तला आदि क्षेत्र के कई बालक-बालिकाओं का कहना है कि शिक्षकों का ध्यान छात्रों को पढ़ाने और उनकी सुविधाओं पर नहीं, बल्कि स्कूल में समानीकरण की बातों अथवा इसके जुगाड़ आदि पर अधिक है।
दूसरी ओर छात्रों के अभिभावक बताते हैं कि कई शिक्षक समानीकरण के विरोध की बातें करते हैं तो कई जैक जुगाड़ में लगने की वजह से स्कूलों में विलंब से आते हैं। भैंसखेड़ा गांव में पिछले दिनों ताला लगाने के मामले में यह भी एक समस्या सामने आई थी।