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सेंचुरी में बाघों का दीदार कल से

7 वर्ष पहले
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सवाई माधोपुर. रणथंभौरअभयारण्य में सूनी राहों पर बैठे बाघ (फाइल फोटो)

कासं | सवाई माधोपुर

पर्यटकोंके लिए तीन महीने से बंद रणथंभौर का राष्ट्रीय अभयारण्य बुधवार से फिर लोगों से गुलजार होने वाला है। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र को लेकर वन विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया। होटल पर्यटन से जुड़े कारोबारी भी मेहमानों के स्वागत में पलकें बिछाए हैं। इस बार जिप्सी एवं कैंटरों में एक से पांच अक्टूबर तक लगभग सभी सीटें बुक होने के कारण बुकिंग विंडो पर वाकिंग टूरिस्टों का खासा दबाव रहने की संभावना है। उधर, इस सत्र के लिए वन विभाग ने वाहनों में सीट की नई दरों की घोषणा भी कर दी है। वन भ्रमण के लिए खास पहचान रखने वाले इस अभ्यारण में पर्यटकों की नजर 59 बाघ, 50 हजार अन्य जीवों, दो दर्जन झीलों और हरियाली पर टिकी रहती है।

यहरहेगी भीतर की व्यवस्था

रणथंभौरके पर्यटन क्षेत्र को कुल 10 जोन में विभाजित किया गया है। जोन नं. 9 एवं 10 को छोड़कर सभी पर रोस्टर प्रणाली रहेगी। एक जोन पर एक समय में अधिकतम चार केंटर एवं चार जिप्सियों को प्रवेश दिया जाएगा। चार केंटर में 80 एवं चार जिप्सियों में 24 लोग रहेंगे। एक जोन में एक पारी में 104 पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा।

दरोंमें बदलाव

हमेशाकी तरह इस बार भी विभाग ने पर्यटक सीट बुकिंग की दरों में आंशिक बदलाव किया है। बाघ परियोजना के सहायक वन संरक्षक मंगल सिंह ने बताया कि गाइडों का शुल्क जिप्सी में प्रति पर्यटक 67 रु. से बढ़ा कर 83 रु., कैंटरों में 20 से बढ़ाकर 30 रुपए कर दिया गया है। वाहनों में पर्यटकों की सुविधा के लिए इस बार रोल ओवर गार्ड के रूप में मजबूत पाइप साइडों में लगवाए गए हैं। इससे वाहनों में बैठने वाले पर्यटकों की सुरक्षा रहेगी। इसी प्रकार रणथंभौर के प्रवेश द्वार गणेशधाम गेट पर भीतर जाने वाले सभी पर्यटकों, वाहनों, दुर्ग तक जाने वाले सभी पैदल लोगों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं।