- Hindi News
- बीस वर्ष में भी नहीं बन पाया सहायक अभियंता कार्यालय
बीस वर्ष में भी नहीं बन पाया सहायक अभियंता कार्यालय
जनस्वास्थ अभियांत्रिकी विभाग ने करीब 20 वर्ष पूर्व कस्बे में ग्रामीणों को प्राथमिकता से शुद्ध समय पर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यहां सहायक अभियंता कार्यालय के लिए निर्माण कराने के लिए ग्राम पंचायत से भूमि आवंटन कराई और लाखों रुपए खर्च कर आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करवाया गया लेकिन बाद में बंद हो गया। विगत 15 वर्षों से यहां निर्माण कार्य पुन: शुरू नहीं होने से पूर्व में कराया गया निर्माण कार्य खंडहर में तब्दील हो चुका है।
वर्तमान में आवंटित भूमि पर कराए गए निर्माण पर कीकर बबूल के पेड़ उग आए हैं और निर्माण आधे से ज्यादा धराशायी हो गया है। विभाग का कार्यालय नहीं बनने और अधिकारी नहीं बैठने के कारण ग्रामीणों की पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। साथ ही हैंडपंप की मरम्मत, ट्यूबवैलों की खराबी, टूटी पाइप लाइनों को ठीक करने सहित छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्रामीण आज भी पिपलाई जलदाय विभाग में जाने को मजबूर हैं और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
सरकार की मंशा थी कि बरनाला में सहायक अभियंता का कार्यालय बनाकर क्षेत्र में व्याप्त पेयजल समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण किया जा सकेगा और लोगों को पेयजल समस्याओं के लिए पिपलाई के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसी दृष्टि से सरकार ने बजट आवंटन कर दिया लेकिन खर्च करने के बाद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने सांसद, विधायक, कलेक्टर से मामले की जांच कराकर पुन: बजट आवंटित कर बरनाला में सहायक अभियंता कार्यालय का निर्माण करा अधिकारी नियुक्त कराने की मांग की है।
स्वार्थको त्यागे बिना परमार्थ की कल्पना नहीं
सवाई माधोपुर | स्वार्थके त्यागे बिना धर्म या परमार्थ की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। यह बात कमल मुनि कमलेश ने प्रवचन सभा में कही। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया जप, तप, साधना ही व्यक्ति को मुक्ति मार्ग की ओर अग्रसर करती है। इस अवसर पर घनश्याम मुनि जी ने मंगला चरण किया।
बरनाला. कस्बेमें अधूरा पड़ा एईएन आफिस का निर्माण कार्य।