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डीईओ करेंगे हर महीने स्कूलों का निरीक्षण

7 वर्ष पहले
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सरकारीस्कूलों की जांच के लिए विभागीय अधिकारी अब निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति नहीं कर सकेंगे। खानापूर्ति पर रोक लगाने के लिए राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद के आयुक्त पवन गोयल ने विद्यालय अवलोकन के संबंध में नई गाइड लाइन जारी की है।

नई गाइड लाइन में डीईओ, बीईईओ के निरीक्षण के टारगेट भी तय कर दिए है। इसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक अधिकारी एक दिन में एक ही स्कूल का अवलोकन करेंगे। बीईईओ द्वारा जो निरीक्षण किए जाएंगे, उनमें से दस प्रतिशत स्कूलों का जिला स्तर से निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन करवाया जाएगा। सत्यापन में यह देखा जाएगा कि ब्लॉक स्तरीय अधिकारी ने ढंग से अवलोकन किया है या केवल खानापूर्ति की है। इसमें संबंधित अधिकारी को प्रत्येक तीन महीने में सभी स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के लिए अधिकारी को उन स्कूलों में पहले जाना होगा, जिनका कभी निरीक्षण नहीं हुआ है। जिला स्तर पर प्रत्येक अवलोकन करने वाले अधिकारी वेब पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे और साथ ही निरीक्षण में जो स्थिति सामने आएगी उसकी एंट्री की जाएगी। इन स्कूलों का निरीक्षण तीन बार हो चुका है तथा वहां किसी भी तरह का सुधार नहीं हुआ है, तो एचएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बीईईओको 8 स्कूलों का निरीक्षण करना जरूरी

नईगाइड लाइन में डीईओ, एडीईओ को पांच-पांच स्कूलों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। अवर डीईओ को आठ, एडीपीसी एसएसए रामसा को पांच-पांच, डाइट फैकल्टी को एक, एसएसए के एपीसी कार्यक्रम सहायक को आठ आठ, बीईईओ को आठ, एबीईईओ को 12 संदर्भ व्यक्ति को प्रत्येक माह में 15 स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण में ऐसे संस्था प्रधानों की सूची बनाई जाएगी, जिनकी परफार्मेंस अच्छी नहीं है। विद्यालय निरीक्षण में यह ध्यान रखा जाएगा कि स्कूल के शैक्षणिक स्तर के साथ ही सभी गतिविधियों की ली जाए। सरकार ने यह कवायद स्कूलों में कम नामांकन, शिक्षा के गिरते स्तर एवं शिक्षकों की अनुपस्थिति पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू की है।