जल संरक्षण समय की जरूरत
नगर संवाददाता | सवाई माधोपुर
कलेक्टरआनंदी ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान से आमजन को जोड़कर सहयोग करने के लिए पुलिस, प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाज के प्रबुद्धजन गणमान्य नागरिक एवं लोकतंत्र के सजग प्रहरी की महत्ती भूमिका निभाने वाले चतुर्थ स्तंभ मीडिया से सकारात्मक पहल करने की अपील एवं आह्वान किया है।
कलेक्टर आनंदी ने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के जनसाधारण को पानी की उपयोगिता एवं उसकी महत्ता बताते हुए जन संरक्षण एवं संग्रहण के इस अभियान में श्रम, सामग्री तथा मशीनरी आर्थिक सहयोग के लिए प्रेरित करें, ताकि भावी पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता का संकट ना रहे।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. पवन ने बताया कि दानदाता, यथाशक्ति, स्वेच्छा स्वप्रेरणा से किसी भी पंचायत समिति अथवा ग्राम पंचायत को गोद लेकर उसमें करवाए जाने वाले कार्यों में सहयोग करेंगे, तो उन कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों की ओर से उन्हें सम्मान आभार पत्र एवं सहयोग राशि की प्राप्ति रसीद भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन बनाने में हम सब मिलकर सक्रिय भागीदारी निभाएं। कलेक्टर आनंदी ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के संबंध में बताया कि अभियान में जल संरक्षण के कार्यों के माध्यम से वर्षा द्वारा बहकर जाने वाले जल की रफ्तार को कम करना, रोकना एवं संग्रहण संरक्षण से धरती को रिचार्ज करने से जरूरत के अनुरूप जन पशुधन के लिए पेयजल एवं खेती के लिए सिंचाई के जल की उपलब्धता भूजल स्तर में अभिवृद्धि हो सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में जिले के चयनित 71 गांव में जल ग्रहण, भू-संरक्षण, जल संसाधन, खेती, जंगल, बागवानी, भू-जल एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जल संरक्षण के कार्य करवाए जाएंगे। शीघ्र ही इन सभी स्वीकृत कार्यों को आवश्यक रूप से जून माह तक पूर्ण करवाया जाएगा।
जनचेतना जाग्रत करने की जरूरत
कलेक्टरने कहा कि राज्य सरकार ने जल संरक्षण संग्रहण की दिशा में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान शुरू कर अनूठी पहल की है। मुख्यमंत्री की सोच है कि गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में रहे तथा गांववासी जल संग्रहण में आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिए जन चेतना जागृत करने की नितांत जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान जल संरक्षण एवं जल संग्रहण की दिशा में महत्वपूर्ण अभियान है। यह अभियान सफल साबित हो सकें, इसके लिए हम सभी को मिलकर श्रम, उपलब्ध संसाधनों, आर्थिक सहयोग के माध्यम से प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि जल केवल प्रकृति का नैसर्गिक स्त्रोत हैं वरन यह जीवन की मूलभूत जरूरत भी हैं और सभी प्राणियों,खाद्य सुरक्षा और अनवरत विकास के लिए भी आवश्यक है। रेगिस्तान प्रधान और क्षेत्रफल के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में पानी की कमी सबसे बड़ समस्या हैं। यहां के लोगों के लिए पानी किसी भी आम वस्तु के मुकाबले अमूल्य है। जल संसाधन सर्वांगीण विकास एवं सभी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की मुख्य धूरी है। ग्लोबल वार्मिंग के वर्तमान समय में पानी के समुचित संरक्षण एवं जल संसाधनों के विकास पर सर्वाधिक ध्यान देने की जरूरत है।