- Hindi News
- पशु चिकित्सक के अभाव में गांवों के पशुपालक परेशान
पशु चिकित्सक के अभाव में गांवों के पशुपालक परेशान
कस्बेसहित आसपास के कई गांवों के पशुपालकों को पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पशु चिकित्सक के अभाव में पशुपालक पशुओं की बीमारी की दशा में पशुओं को सवाई माधोपुर लेकर जाने को विवश हो रहे है।
ग्रामीणों ने बताया कि पशु चिकित्सालय चिकित्सक के अभाव में कंपाउंडर द्वारा ही पशुओं का उपचार किया जाता है। वही विभाग द्वारा क्षेत्र में पशु शिविर में कंपाउंडर की ड्यूटी लग जाने की स्थिति में पशुओं की चिकित्सा रामभरोसे हो जाती है।
तीन साल पहले पशु चिकित्सक का स्थानांतरण अन्यत्र हो गया था। इसके बाद से अभी तक पशु चिकित्सक नहीं लगाया गया। ग्रामीणों ने कई बार पशु पालन विभाग को कई बार चिकित्सक लगाने की मांग करने के बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से रोष भी है। इस चिकित्सालय में मेंनपुरा, अजनोटी, धनोली, पुसोदा सहित दस गावों के पशुपालक अपने पशुओं का उपचार करवाने के लिए आते है, लेकिन चिकित्सक के अभाव में आर्थिक, मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग करमोदा के चिकित्सक को तीन दिन के लिए सूरवाल में लगा दिया जाए तो लोगों को इसकी सेवाएं उपलब्ध हो सकती है।
^सूरवालमें स्थाई चिकित्सक लगाने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। वही उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ.दिलीप नामा, संयुक्तनिदेशक पशुपालन विभाग