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प्रदेश के 89% व्यापारियों का जीएसटी में माइग्रेशन

4 वर्ष पहले
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30 सितंबर तक बदल सकेंगे एमआरपी स्टीकर

बिजनेसरिपोर्टर | जयपुर

प्रदेशके करीब 89 प्रतिशत व्यापारियों ने नवीन कर व्यवस्था जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) में माइग्रेशन कर लिया है। शेष बचे व्यापारियों में ज्यादातर वे हैं, जिनका वार्षिक टर्न ओवर 20 लाख से कम है और वे जीएसटी के दायरे में नहीं रहे हैं। ये जानकारी वित्त विभाग के सचिव (राजस्व) प्रवीण गुप्ता ने दी है।

गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों को नवीन कर व्यवस्था में माइग्रेशन की सुविधा दी गई थी, जिसके तहत अधिकांश व्यापारियों ने माइग्रेशन कर लिया है। अब तक जिन व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, वे भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। नई कर व्यवस्था में 20 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अंतरराज्यीय तथा ई-कॉमर्स के जरिए व्यापार करने वाली फर्मों के लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि व्यापारी जीएसटी के अनुरूप 30 सितंबर तक एमआरपी स्टीकर बदल सकते हैं।

करीब 100 खाद्य पदार्थ जीएसटी से बाहर

जीएसटीमें करीब 100 खाद्य पदार्थों को कर मुक्त रखा गया है। साथ ही कृषक उत्पादों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक उपभोग से जुड़ी वस्तुओं एवं सेवाओं को भी जीएसटी से बाहर रखा गया है। जीएसटी की ज्यादा दर विलासिता से संबंधित उत्पादों या मादक पदार्थों पर है, जिसने आमजन को कोई नुकसान नहीं है। आमजन को तो जीएसटी से फायदा होगा।

सरलहोगी रिटर्न भरने की प्रक्रिया : जीएसटीमें रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। व्यापारियों के बीच यह केवल भ्रांति है कि उन्हें साल भर में 37 रिटर्न भरने होंगे। उन्हें केवल मासिक रिटर्न ही भरना होगा। इसके लिए हमेशा इंटरनेट या ऑनलाइन सिस्टम की जरूरत नहीं। ऑफलाइन कार्य सम्पादित कर केवल एक दिन उसे वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

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