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निजी संस्थानों की धरोहर पर्यटन में बनेगी उपयोगी

6 वर्ष पहले
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राज्यऔर केंद्र सरकार ऐतिहासिक स्मारक धरोहरों को पर्यटन उपयोगी बनाने के लिए राजघरानों से बातचीत कर रही है। जयपुर में आयोजित इंडिया हेरिटेज टूरिज्म कानक्लेव में यह जानकारी सामने आई।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित इस कानक्लेव में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि धरोहरों को बचाने के लिए समाज पर दायित्व होना चाहिए। पर्यटकों की संख्या बढ़ना भी जरूरी है, तभी पर्यटन व्यवसाय समृद्ध होगा। राजस्थान टूरिज्म के निदेशक अनिल कुमार चपलोत ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाएं है।

पीएचडी चैंबर के उपाध्यक्ष अनिल खेतान ने कहा की राज्य में ऐतिहासिक स्मारकों और धरोहरों का अतुल्य भंडार है। ऐसा किसी भी राज्य में नहीं है। राज्य सरकार को ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए दीर्घकालीन योजना बनानी चाहिए, ताकि यह पर्यटन उद्योग के रूप में विकास हो सके। चैंबर की टूरिज्म समिति के चेयरमैन मुकेश गुप्ता ने बताया की चैंबर मेडिकल, कल्चरल, एडवेंचर और आईटी टूरिज्म को बढ़ावा देगा। चैंबर के राजस्थान चैप्टर के चेयरमैन अजय डाटा ने कहा की पर्यटन राज्य का प्रमुख व्यवसाय है।