जी सर, जी सर नहीं! अब डिस्कशन में मंत्री-अफसर
सचिन-गहलोत की चली, डूडी की क्यों नहीं?
कई जिलों में कलेक्टर बनने से परहेज!
किसकी वजह से अटकी टीम बीजेपी
ये चलने- चलने की बात नहीं। पर कोशिश करने के बाद भी कई मंत्री अपने विभागों में पसंदीदा अफसर नहीं लगवा पाए! ऐसे अफसर लग गए जिनसे मंत्री खुश, खुद मंत्री से अफसर! पिछले दिनों की लिस्ट के असर की ये बातें अब मंत्रियों के यहां से निकलकर रही हैं। मंत्रियों से पुराने संबंध और पिछली पारी में नीचे की पोस्टों पर काम कर चुके कई प्रमोटी अफसर विभागाध्यक्ष की पोस्टिंग तय मान रहे थे। जिनको खुद मंत्री लाना चाहते थे वे लिस्ट आने की बेसब्री में भी थे। परंतु जब सूची आई तो उन जगहों पर सीनियर अफसरों के नाम लिखे थे। अब मंत्रियों और अफसरों में जी-सर, जी-सर के बजाय डिस्कशन होने लगे हैं और उच्च स्तर पर चाहत भी शायद यही थी!