- Hindi News
- National
- रिपोर्टर पहुंचे नशे के नेटवर्क की जड़ तक, प्रतापगढ़ में सौदा, जयपुर में डिलीवरी
रिपोर्टर पहुंचे नशे के नेटवर्क की जड़ तक, प्रतापगढ़ में सौदा, जयपुर में डिलीवरी
देर रात प्रतापगढ़ के बसाड़ में तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू
जयपुर|राजस्थानकेचित्तौड़गढ़ प्रतापगढ़ से पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी देशों तक अफीम और हेरोइन पहुंचाई जाती है। भास्कर ने नशे के इस नेटवर्क के पर्दाफाश का बीड़ा उठाया। पहले पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने स्टिंग में सहयोग दिया। दो रिपोर्टरों ने 2 महीने तक 50 से ज्यादा तस्कर-बिचौलियों से संपर्क साधा, भरोसे में लिया और खुद को खरीदार बताया। तस्करों ने भी पूरी पड़ताल की, जब उन्हें भरोसा हो गया तो सौदे के लिए राजी हुए। प्रतापगढ़ और मंदसौर के बीच बसाड़ गांव के पास पहला सौदा तय हुआ। आधा किलो अफीम की कीमत 50 हजार रु. लेने के बाद बिचौलिए ने जयपुर में तय पते पर भिजवाने का वादा करते हुए कहा कि दो नंबर के काम में बात एक नंबर की ही होती है। पहली डिलीवरी बसाड़ से जयपुर पहुंच गई। भास्कर रिपोर्टर्स ने तस्करों से दूसरी डिलीवरी के लिए संपर्क साधा तो उन्हें शक हो गया और रिपोर्टर जोखिम में गए। तस्करों ने रिवॉल्वर तान कर जान से मारने की धमकी दे डाली। चूंकि बातचीत प्रतापगढ़-चित्तौड़गढ़ हाइवे पर हो रही थी। उनके लिए भागना मुश्किल था इसलिए वे सिर्फ धमकी ही दे सके। शनिवार देर रात प्रतापगढ़ में पुलिस ने तस्करोंके खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट....।
ऐसे खुलासे जनहित में बहुत जरूरी, मजबूत होते हैं पुलिस के हाथ: एडीजी
^दैनिकभास्कर का खुलासा जनहित में है। मीडिया और पुलिस मिलकर समाज हित में बहुत कुछ कर सकती है। आम लोगों को भी पुलिस की सहायता करनी चाहिए जिससे पुलिस के हाथ मजबूत होंगे। -पंकज कुमार सिंह, एडीजी क्राइम
दूसरे ऑपरेशन में 5 फरवरी को हेरोइन डिलीवरी की बात हुई। छोटी सादड़ी मुख्यालय से दो किमी दूर गोमाणा गांव में दलाल ताराचंद से मुलाकात की। होटल का कार्ड दिया तो बोला महीने की कितनी डिमांड है। हमने कहा सैंपल के तौर पर पहले सौ ग्राम फिर हर माह एक किलोग्राम की बात कही तो बोला सुबह यहीं से ले जाना हमने साथ ले जाने से इंकार किया तो बोला - कल आना, आपको बड़ी पार्टी से मिलवाउंगा, मेरे बॉस हैं, वो ही सौदा करेंगे डिलिवरी भी वो ही पहुंचाएंगे। अगले दिन यानी 6 फरवरी की सुबह फोन पर बात हुई तो बोला आप चित्तौड़ ही रुको वहीं मिलेंगे। इसके आधे घंटे बाद फिर फोन आया बोला छोटी सादड़ी जाओ, वहीं मिलेंगे। पहले हाइवे पर मिलने काे कहा, फिर चौराहे और फिर बस स्टैंड पर बुला लिया। करीब दो घंटे हम बस स्टैंड पर इंतजार करते। इसके बाद चित्तौड़गढ़ हाइवे पर बुलाया।शक पर सौदा बिगड़ा और तस्कर धमकी देते हुए भाग गए।
अफीम माफिया का नेटवर्क खंगालते हुए रिपोर्टर प्रतापगढ़ जिले के बसाड़ गांव में पहुंचे। यह गांव अफीम तस्करी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात है। यहां दो युवकों से रिपोर्टर्स ने अफीम खरीदने की बात की तो बोले-शाम को 5:30 बजे इसी रोड पर मंदिर के पास मिलना, लेकिन लोकल गाड़ी या ऑटो में आना।
बिचौलियों के बताए गए स्थान पर पहुंचे तो मंदसौर और प्रतापगढ़ दोनों तरफ से दो मोटरसाइकिलें आकर रुकी, जिन पर तीन लोग सवार थे। पुराने वालों ने नए व्यक्ति से हमारा परिचय करवाया। थोड़ी देर तक वह इधर-उधर की छानबीन करता रहा फिर जेब से मोबाइल निकालकर किसी व्यक्ति को बुलाया। वह एक स्विफ्ट डिजायर में आया, लेकिन गाड़ी हमसे 50 मीटर दूरी पर रोकी। वहां से पैदल चलकर हमारे पास आया। पहले से वहां खड़े एक व्यक्ति ने कहा गुड्डु भाई ये ही पार्टी है जिसका मैनें आपसे जिक्र किया था। उसने कहा आप पैमेंट दो, पता दो, माल पहुंच जाएगा। कब पहुंचेगा, कैसे पहुंचेगा यह हम तय करेंगे। पचास हजार रुपए से कम की सप्लाई हम नहीं करेंगे। जयपुर के दो पते देने होंगे। उनमें से किसी एक एड्रेस पर माल देंगे।
दैनिक भास्कर कास्टिंग ऑपरेशन, पुलिस के सहयोग से
रणजीत चारण
आनंद चौधरी