शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन
जयपुर | नईदिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में सोमवार को शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर राज्यों के शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन हुआ। इसमें राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ और शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने अपने-अपने विभागों से संबंधित कई सुझाव दिए। सराफ ने बैठक में कहा कि राज्य में तकनीकी शिक्षकों के लिए ‘नेशनल इन्स्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल टीचर्स एंड रिसर्च’ स्थापित किया जाएगा। इस पर ईरानी ने सहमति प्रदान करते हुए लिखित में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा। इस दौरान देवनानी ने राष्ट्रीय शिक्षा कार्यक्रम के तहत राजस्थान जैसे रेगिस्तान एवं आदिवासी प्रधान राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों के ठहराव के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में ग्रामीण भत्ता देने का प्रावधान लागू करने का सुझाव दिया। देवनानी ने अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए समुचित बजट प्रावधान और रिक्त पदों को प्रतिवर्ष भरने के सुझाव के साथ ही हर स्कूल में कम्प्यूटर शिक्षा और कम्प्यूटर शिक्षक की नियुक्ति करने की मांग भी रखी।
सरकारीकॉलेज खोलने के लिए मांगी अतिरिक्त मदद : सराफने बताया कि रूसा के अन्तर्गत राज्य को केन्द्र से 352 करोड़ रूपए की राशि मिली है, लेकिन यह राशि पहले से चल रहे सरकारी कॉलेजों के लिए ही दी गई है, जबकि राजस्थान के 289 उपखंडों में से 164 उपखंडों पर एक भी सरकारी महाविद्यालय नहीं है। अतः क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े प्रदेश में नये सरकारी कॉलेज खोलने की नितांत जरूरत को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार को नये कॉलेज खोलने के लिए भी अतिरिक्त केन्द्रीय मदद प्रदान करनी चाहिए।