भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग करने वाले 350 अफसरों पर कसेगा शिकंजा
जयपुर | भ्रष्टाचारऔर पद का दुरुपयोग करने वाले प्रदेश के 350 से अधिक अफसरों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है। कार्मिक सहित 36 विभागों को 31 मार्च तक इनकी फाइलों पर फैसला लेना है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ऐसे अफसरों के खिलाफ फाइलों का मूवमेंट बढ़ गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सीनियर अफसर गिरिराज सिंह और जगरूप सिंह पर की अभियोजन की लंबित फाइलों पर हां या ना में फैसला हो सकता है। एसीबी ने कार्मिक विभाग सहित 36 विभागों के पास मुकदमा चलाने के लिए 350 अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मांग रखी है। पिछले पांच से दस साल से इनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति नहीं दी रही थी। इसके कारण एसीबी न्यायालय के समक्ष मामले को पेश नहीं कर पाती थी।
किसविभाग में अभियोजन स्वीकृति के कितने मामले लंबित : नगरीयविकास 53, राजस्व 46, कार्मिक 38, पंचायतीराज 36, जल संसाधन 16, पुलिस 18, शिक्षा-परिवहन-कोष एवं लेखा 10-10, ऊर्जा 14, श्रम एवं नियोजन नौ, सामाजिक न्याय नौ, सहकारिता 8, खनिज 7, चिकित्सा 6, कृषि, रीको में तीन-तीन, आबकारी-रोडवेज-तकनीकी शिक्षा-नैफेड-बैंक में दो-दो, आयुर्वेद, एचपीसीएल, आयकर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, खादी, डेयरी, जिला जल गृह, वाणिज्य कर में एक-एक मामले अभियोजन स्वीकृत के लंबित है।
कार्मिक विभागों में इन अफसरों पर होगा विचार
आईएएसगिरिराज सिंह, जगरूप सिंह, इंजीनियर सुरेश चंद्र मित्तल, गोरश कुमार गुप्ता, चंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह मीणा, राज कुमार, सुनील कुमार, सुखवीर सिंह चौहान, जयदेव गोयल, गौरी शंकर जींगर, पूरन सिंह चौधरी, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, राजेश चंद्र पुरोहित, भानु प्रकाश, मोहम्मद युनुस सतनाम सिंह, ईओ ओम प्रकाश वर्मा, तहसीलदार राधेश्याम मीणा, चिकित्सक जयप्रकाश वाल्मिकी, डा.सुनील दास, डा.रविंद्र कुमार तंवर, बद्री प्रसाद मीणा, आरटीओ आभा जैन, रफीक अहमद एमपीडब्ल्यू, इंजीनियर भीमराव पंजारे, सहायक निदेशक सामजिक न्याय मुरारी लाल मीणा, कनिष्ठ अनुदेशक धर्मपाल पाथरा, इंजीनियर केएल कांत, लक्ष्मण बेनीवाल, विनोद कुमार पांडे सहायक निदेशक कृषि, डा.गौतम डामोर, डा.नरेश गोयल, उमेद सिंह विकास अधिकारी, खनिज अभियंता नारायण देपुरा और पारस राम पुनिया विकास अधिकारी।