तीरंदाज रजत के जोश, जुनून और जज्बे को सलाम
करीब 35 लाख इनामी राशि बकाया
रजतबताते हैं कि मेरी करीब 35 लाख रुपये की इनामी राशि अभी भी राजस्थान सरकार पर बकाया है। यह राशि 2013 से लेकर अब तक जीते कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदकों की है। मैंने इस बारे में कई बार लिख कर भी दिया है। आज भी मैं राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष जेसी महांति से मिला तो उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि सारा बकाया जल्द ही मिल जाएगा।
इससाल खेलने हैं तीन वर्ल्ड कप
रजतबताते हैं कि इस साल उन्हें तीन वर्ल्ड कप और एक वर्ल्ड कप फाइनल खेलना है। इनकी तैयारियों के लिए भी पैसों की जरूरत पड़ेगी। महांति जी नेे इसके लिए भी पैसे की व्यवस्था कराने की बात कही है और पूरा प्रोग्राम मुझसे मांगा है।
रजत के बाल काफी लंबे हैं। वे चोटी बनाते हैं। कहते हैं, मेरे ताऊजी काफी बीमार हैं उन्हें काफी खतरनाक बीमारी है। मैंने कसम खाई थी कि जब तक मेरे ताऊजी ठीक नहीं हो जाते तब तक मैं बाल नहीं कटवाऊंगा। बाल उतरवाने के लिए मैं तिरुपति बालाजी जाऊंगा।
पिता ने बेची कार, मां ने गिरवी रखे जेवर
रजतचौहान के पिता ने कभी अपनी कार बेचकर और मां के जेवर गिरवी रख कर उन्हें तीरंदाजी सिखाने के लिए पैसे इकट्ठे किए थे लेकिन आज उनका वही बेटा इस काबिल हो गया है कि उन्होंने केवल पिता को नई कार लेकर दी बल्कि मां के जेवर भी छुड़वाए और उनके लिए नए जेवर भी बनवाए।
पाकिस्तानी तीरंदाज भी हैं मुरीद
पाकिस्तानीतीरंदाज भी रजत के मुरीद हैं। सैफ खेलों के दौरान पाकिस्तानी तीरंदाजों से रजत की मुलाकात हुई। रजत ने बताया, ‘वे भारत आकर काफी खुश थे। कहते थे कि ऐसा लग ही नहीं रहा कि भारत आए हैं। उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे लाहौर से कराची गए। सैफ खेलों के दौरान काफी प्यार मिला। एक तीरंदाज ने बताया कि वह मेरे तीरंदाजी के वीडियो भी यूट्यूब पर देखता रहता है।