हनुमनथप्पा को देशभर से किडनी देने की पेशकश
लांसनायक को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश की सरिता उर्फ निधि पांडे और पूर्व नौसैनिक एसएस राजू सामने आए। लखीमपुर खीरी की निधि ने कहा, ‘मैंने टीवी पर सुना कि हनुमनथप्पा की किडनी काम नहीं कर रही है। मैंने इस बारे में अपने पति से बात की। हनुमंतप्पा को किडनी देने की इच्छा जताई। उन्होंने मेरा समर्थन किया। आखिर जब एक जवान देश के लिए अपनी जान दे सकता है तो क्या मैं किडनी भी नहीं दे सकती।’ उधर, मुंबई के एसएस राजू ने कहा, ‘हमें हर हालत में अपने जवान की जान बचानी चाहिए। मैं अपनी किडनी, लिवर या कोई भी अंग देने को तैयार हूं।’
एजेंसी | नई दिल्ली
सियाचिनमें छह दिन बर्फ के नीचे रहने के बाद जिंदा निकाले गए लांसनायक हनुमनथप्पा कोपड़ की जिंदगी की जंग जारी है। हालत नाजुक है। कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है। लेकिन डॉक्टरों और देशवासियों को अब भी चमत्कार की उम्मीद है। जैसे ही उनके अंगों के काम करने की खबर आई, एक महिला और पूर्व सैनिक ने उन्हें किडनी देने की पेशकश कर दी। सेना के बचाव दल ने हनुमनथप्पा को सोमवार को 35 फीट बर्फ के नीचे से निकाला था। मंगलवार से वे दिल्ली के आर्मी अस्पताल में हैं। डॉक्टरों ने बुधवार को मेडिकल बुलेटिन जारी की। इसमें कहा, ‘हनुमनथप्पा की हालत गंभीर है। उनकी किडनी और लिवर ने काम करना बंद कर दिया है। ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी है। फेफड़े निमोनिया की चपेट में हैं। अगले 24 घंटे उनके लिए अहम होंगे।’ शेष| पेज 4
खुद ही संघर्ष वाले क्षेत्रों में पोस्टिंग लेते रहे हनुमंतप्पा
सेनाके एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हनुमंतप्पा 2002 को मद्रास रेजीमेंट की 19वीं बटालियन में शामिल हुए थे। उन्होंने शुरुआत से ही चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को चुना। वे 2003 से 2006 के बीच कश्मीर में आतंकरोधी अभियान में शामिल थे। फिर 2008 से 2010 के बीच स्वेच्छा से 54वीं राष्ट्रीय राइफल्स में सेवा देने की बात कही। इसके बाद 2010 से 2012 के बीच पूर्वोत्तर में स्वेच्छा से सेवा दी। दिसंबर 2015 में उन्होंने सियाचिन की सर्वाधिक ऊंची चौकियों में से एक पर अपनी तैनाती को चुना।’
स्कूलकी मदद में रहते थे आगे
हनुमंतप्पाके बारे में प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर एमएफ कराजाजी ने बताया कि वे हमेशा स्कूल की मदद करते थे। पिछले साल ही बच्चों को 250 बेल्ट और टाई बांटी थी। इससे पहले भी वे अपने तरीके से बच्चों की मदद करते थे।
खबरआए इसलिए काट दिया था केबल
सियाचिनमें जब हिमस्खलन की खबर आई तो हनुमंतप्पा के परिवार वाले चिंतित हो उठे। परिवार के पुरुष सदस्यों ने केबल कनेक्शन काट दिया ताकि उनकी मां बासम्मा और प|ी महादेवी कोई सदमे भरी खबर सुन पाएं। खुद सेना के साथियों से समाचार लेते रहे। जब उनके जीवित होने की खबर मिली तो केबल कनेक्शन जोड़ दिया।
हरिद्वारमें महामृत्युंजय जाप
हनुमंतप्पाकी सलामती के लिए देशभर में दुआएं हो रही हैं। हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की यज्ञशाला में छात्रों और शिक्षकों ने यज्ञ महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया। दिल्ली, मुंबई बेंगलुरू समेत कई शहरों में प्रार्थना सभाएं हुईं। इलाहाबाद में स्कूल बच्चों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर प्रार्थना की।
हनुमनथप्पा