किसानों को 10 दिन में क्लेम नहीं तो हर दिन देना होगा 18% ब्याज
67 लाख किसानों के दो माह से अटका रखे हैं 1100 करोड़ रुपए
किसानोंके फसल बीमा क्लेम की करीब 1100 करोड़ रकम अटकाए बैठीं बीमा कंपनियों को सरकार ने अल्टीमेटम दिया है कि अगले दस दिन में क्लेम का पैसा किसानों के खातों में जमा नहीं करवाया तो उनसे प्रति दिन के हिसाब से 18 प्रतिशत ब्याज वसूला जाएगा। ब्याज का पैसा भी किसानों के खातों में जमा होगा।
बुधवार को कृषि आयुक्त नीरज के. पवन ने पेंडिंग क्लेम्स को निपटाने के लिए बीमा कंपनियों के साथ बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वेदर स्टेशन कंपनियां और राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।
वर्ष 2015
फसलखराबे का क्लेम पिछले दो महीनों से बीमा कंपनियों ने जारी नहीं किया
वर्ष 2015 में खरीफ फसल में हुए खराबे का क्लेम पिछले दो महीनों से बीमा कंपनियों ने जारी नहीं किया है। इसमें मौजूदा वित्त वर्ष में मौसम आधारित फसल बीमा योजना और राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत करीब 67 लाख किसानों को करीब 881 करोड़ रुपए का क्लेम मिलना है। इसके अलावा 2013-14 का भी करीब 200 करोड़ रुपए का क्लेम बीमा कंपनियों ने रोक रखा है।
वैदर स्टेशन पर सरकार करेगी मॉनिटरिंग
मौसमआधारित बीमा में वेदर स्टेशन की रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों के लिए बीमा क्लेम निर्धारित होते हैं। किसानों की शिकायत रहती है कि वैदर स्टेशन कंपनियां और बीमा कंपनियों की सांठ-गांठ के चलते मौसम की सही रिपोर्ट जारी नहीं होती। अब सरकार हर जिले में वेदर स्टेशन की रिपोर्ट की अपने स्तर पर भी मॉनिटरिंग करेगी।