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पंचायत समिति बदलने के प्रस्ताव की सूचना से रोष
जमवारामगढ़पंचायत समिति की आठ ग्राम पंचायतों को शाहपुरा पंचायत समिति में जोड़ने के प्रस्ताव की सूचना के बाद इन ग्राम पंचायतों के लोगों में रोष है। लोग प्रस्ताव के विरोध में धीरे-धीरे लामबंद हो रहे हैं। एक-दूसरे गांव में संपर्क कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे है।
ग्राम पंचायत गठवाड़ी, बोबाड़ी, जयचन्दपुरा, धौला, ताला, राजपुरवास ताला सहित नव प्रस्तावित ग्राम पंचायत भुरानपुरा एवं डूंगा का बास को जमवारामगढ़ पंचायत समिति से हटाकर शाहपुरा पंचायत समिति में जोड़नेे का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
मामले की सूचना लगते ही ग्रामीण प्रस्ताव के विरोध में एकजुट होने लगे है। ग्रामीणों के साथ ही अधिकांश जनप्रतिनिधि भी इस प्रस्ताव के विरोध में हैं। गठवाड़ी में रविवार को इस बारे में चर्चा के लिए ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को एकजुट कर आंदोलन की रणनीति बनाई गई। एसडीएम को आपत्ति दर्ज करवाने का निर्णय किया गया। प्रभाती लाल गुर्जर, हरिश्चंद्र शर्मा, भाजपा नेता बाबूलाल मीणा, हरिसिंह बागड़ी, बलदेव गुप्ता, बद्रीनारायण मीणा, बोदूराम गुर्जर, रामजी लाल भामू, किशनलाल बुनकर आदि का कहना था कि इस क्षेत्र का हर प्रकार से जुड़ाव जमवारामगढ़ से रहा है।
राजनीतिक रूप से यह क्षेत्र जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र का भाग है। प्रशासनिक स्तर पर इसे शाहपुरा से जोड़ना इस क्षेत्र के ग्रामीणों के हितों पर कुठाराघात होगा। भौगोलिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र जमवारामगढ़ का अभिन्न अंग है। हमेशा से लोगों का जुड़ाव जमवारामगढ़ एवं जयपुर से ही रहा है। ऐसे में शाहपुरा से जोड़े जाने को जनता कभी भी सहन नहीं करेगी।
जिला पार्षद शंतिदेवी मीणा, गठवाड़ी सरपंच रामधन बेनीवाल, ताला सरपंच सो मोती मीणा, जयचन्दपुरा सरपंच छापा देवी नागर सहित कई जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस क्षेत्र का शाहपुरा में जोड़ा जाना क्षेत्र के विकास में रोड़ा अटकाने का काम है। ऐसे में पंचायत समिति बदलना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा।