नहरों से पहली रेलणी का पानी बंद
टेल के किसानों की अब आस कुएं
उम्मेदसागर बांध के अंतिम छोर पर स्थित रहड़, लक्ष्मीपुरा, माताजी का खेड़ा, भगवानपुरा, कादीसहना के कई खेत नहरी पानी की पहुंच से दूर रह गए। किसानों के अनुसार क्षेत्र में करीब दो हजार बीघा भूमि से ज्यादा कृषि भूमि सिंचाई से वंचित है। नहर बंद होने से किसानों को कुओं से खेत में पानी पहुंचाना पड़ेगा। नाहर सागर में दो हजार बीघा तथा अरवड़ बांध में तीन हजार बीघा भूमि नहरी पानी से वंचित रह गई है।
नाहर सागर बांध की नहरों को 15 दिन बाद फिर खोला जाएगा। सर्वे से पता चलेगा कि किस क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचा। जिन किसानों को पानी नहीं मिला, उनसे सिंचाई कर की वसूली के संबंध में सरकार के स्तर पर ही निर्णय हो सकता है। -अनिललोढ़ा, सहायकअभियंता, जल संसाधन विभाग, शाहपुरा
रहड़ ग्राम के काफी खेत उम्मेद सागर बांध के टेल क्षेत्र में आते हैं। नहरे चलने के एक माह बाद तक इस क्षेत्र के किसानों को पानी नहीं मिला। इससे किसानों को अब दोहरी मार झेलनी होगी। इनकी कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। -सलीमखां कायमखानी, सरपंचरहड़
शाहपुरा. कादीसहनाक्षेत्र का सूख पड़ा एक खेत। नहरें बंद हो गई लेकिन यहां पानी नहीं पहुंच पाया।
भास्कर न्यूज|शाहपुरा
क्षेत्रके तीनों बांध उम्मेद सागर, नाहर सागर एवं अरवड़ से नहरों का पानी बंद कर दिया गया। जल संसाधन विभाग पहली रेलणी पूरा होना मान रहा है, लेकिन टेल के करीब 25 फीसदी किसान सिंचाई से वंचित रह गए।
उम्मेद सागर बांध की नहर सोमवार सुबह 9 बजे बंद कर दी गई। नाहर सागर अरवड़ बांध की नहरों को इससे पहले बंद कर दिया गया था। नहरों से पानी बंद कर दिया गया लेकिन सिंचाई से वंचित रहे टेल के किसानों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। करीब एक माह से नहरों में पानी छोड़ा जा रहा था। किसानों का कहना है कि पहले जल संसाधन विभाग के अधिकारी जल उपभोक्ता संगम के पदाधिकारी टेल क्षेत्र के किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने का आश्वासन दे रहे थे लेकिन पानी टेल क्षेत्र कमांड क्षेत्र के किसानों को नहीं मिल पाया।
जल उपभोक्ता संगम उम्मेद सागर बांध के चेयरमैन रामेश्वरलाल बोहरा ने बताया कि सोमवार सुबह बांध की नहर को बंद कर दिया गया है।
अब नहर को एक पखवाड़े के बाद दोबारा शुरू किया जाएगा। नाहर सागर बांध की नहर को भी 15 दिन के अंतराल से दोबारा चालू किया जाएगा।
जल संसाधन